नई दिल्ली: कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक मामले की जांच में एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस मामले की जांच कर रही CID ने अब तक करीब 92 लाख रुपये के मनी ट्रेल का पता लगा लिया है, साथ ही उस पूरे नेटवर्क की भी पहचान कर ली है, जिसके जरिए परीक्षा से पहले छात्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाया गया था।
जांच के दौरान अब तक कुल 40 अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा चुकी है, जिनमें से 29 को एफआईआर में सीधे तौर पर आरोपी बनाया गया है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इस पूरे मामले में अभ्यर्थियों, बिचौलियों, KPSC के पूर्व परीक्षा नियंत्रक और IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार तथा कथित मुख्य बिचौलिए बसवराज कन्नाले के बीच गहरे संबंध सामने आए हैं।
बैंक खातों में हुआ लाखों का लेन-देन
जांच में मिले बैंक रिकॉर्ड्स के मुताबिक, जनवरी और फरवरी 2026 के दौरान अलग-अलग खातों में 1 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक की कई रकम जमा की गई थीं। CID ने अब तक दो बैंक खातों में करीब 69.2 लाख रुपये फ्रीज किए हैं। इसके अलावा कन्नाले और उनकी पत्नी से जुड़े खातों में भी करीब 71.18 लाख रुपये की रकम जांच के दायरे में है। इतना ही नहीं, कन्नाले के पास से करीब 5.76 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
तीन विला में होती थी अभ्यर्थियों की ‘ट्रेनिंग’
जांच में यह भी सामने आया है कि हर प्रश्नपत्र के करीब 60 से 80 सवाल परीक्षा से पहले ही लीक कर दिए गए थे। इसके बाद कुछ अभ्यर्थियों को देवनहल्ली के पास स्थित ऑर्किड निर्वाण परिसर के तीन विला में ले जाया गया, जहां आरोप है कि उन्होंने लीक हुए सवालों के जवाब देने का अभ्यास किया। CID ने इस पूरे नेटवर्क से जुड़े WhatsApp चैट्स की भी बारीकी से जांच की है, और जब्त किए गए मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच जारी है, ताकि पेपर लीक और पैसों के लेन-देन से जुड़े डिजिटल सबूतों की पुष्टि हो सके।
इस पूरे मामले में KPSC के पूर्व परीक्षा नियंत्रक और IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को 29 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी उनसे इस पूरे मामले में उनकी संभावित भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है। CID ने गंगवार और बसवराज कन्नाले के बीच हुई बातचीत की भी जांच की है। जांच के दौरान कई ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं। फिलहाल CID बैंक लेन-देन, मोबाइल डेटा, WhatsApp चैट्स और आरोपियों-अभ्यर्थियों के बीच संपर्कों की सारी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, और मामले की आगे की जांच लगातार जारी है।












