नई दिल्ली: भ्रष्टाचार के अंधकार को मिटाने के लिए केवल कानून और निगरानी ही काफी नहीं बल्कि हर व्यक्ति के भीतर ईमानदारी का दीप जलना जरूरी है। इसी संदेश के साथ दिल्ली विधानसभा में सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 मनाया गया। विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाते हुए लोक सेवा में पारदर्शिता, नैतिकता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
सत्यनिष्ठा अंतर्मन से शुरू होती है
इस अवसर पर अध्यक्ष ने कहा कि सत्यनिष्ठा की शुरुआत बाहरी जवाबदेही से नहीं, बल्कि व्यक्ति के अंतर्मन और विवेक से होती है। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को स्वयं से सवाल करना चाहिए कि उसके कामकाज में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनहित की भावना कितनी मजबूत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी प्रक्रियाओं का पालन करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि ईमानदारी को अपने चरित्र और कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा।
सत्यनिष्ठा से समृद्धि थीम पर शपथ
26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित इस सप्ताह की केंद्रीय थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ रखी गई है। शपथ के दौरान अधिकारियों-कर्मचारियों ने रिश्वत न लेने और न देने, कानून का सम्मान करने, पारदर्शिता के साथ दायित्व निभाने तथा भ्रष्टाचार की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
सामूहिक प्रतिबद्धता और राष्ट्रसेवा पर जोर
विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि किसी भी संस्थान की असली ताकत उसके कर्मचारियों की सामूहिक प्रतिबद्धता होती है। नेतृत्व तभी सफल होता है, जब पूरी टीम एक साझा उद्देश्य के साथ काम करे। ईमानदारी से निभाया गया प्रत्येक दायित्व लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास मजबूत करता है। उन्होंने विधानसभा कर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए सत्यनिष्ठा, टीम भावना और राष्ट्रसेवा को कार्यसंस्कृति का आधार बनाने की अपील की। कार्यक्रम में मुख्य सचेतक अभय वर्मा और विधायक अजय महावर भी उपस्थित रहे।












