नई दिल्ली: प्रतिभा जब मेहनत से निखरती है और लगन जब सफलता की नई इबारत लिखती है तो सम्मान का मंच भी प्रेरणा का केंद्र बन जाता है। कुछ ऐसा ही भव्य और यादगार नजारा दिल्ली पुलिस पब्लिक स्कूल, सफदरजंग एन्क्लेव में आयोजित सम्मान समारोह में देखने को मिला। यहां विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों रचनात्मक क्षमता और बहुआयामी प्रतिभा का शानदार उत्सव मनाया गया। समारोह में दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए जबकि दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। दिल्ली पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
समारोह का मुख्य आकर्षण मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान रहा। जब उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राएं पुरस्कार ग्रहण करने मंच पर पहुंचे तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह सम्मान केवल पुरस्कार हासिल करने वाले विद्यार्थियों का नहीं, बल्कि उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन, समर्पण और अभिभावकों एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन का भी प्रतीक बना।

कार्यक्रम में भारतीय सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक शिक्षा का अद्भुत संगम देखने को मिला। दिल्ली के गौरवशाली इतिहास पर आधारित ‘दास्तानगोई’ की प्रभावशाली प्रस्तुति ने दर्शकों को इतिहास के पन्नों से रूबरू कराया। वहीं युवा योग साधकों की ‘आदि योगी’ प्रस्तुति ने भारतीय योग परंपरा की शक्ति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया। विद्यालय के संगीत समूह ने मधुर सुरों से वातावरण को संगीतमय बनाया, जबकि ‘उल्लास’ नामक शास्त्रीय एवं आधुनिक नृत्य के अनूठे संगम ने दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।
उपराज्यपाल से विद्यार्थियों का सीधा संवाद बना प्रेरणा का केंद्र
समारोह का एक विशेष आकर्षण उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के साथ विद्यार्थियों का संवाद सत्र रहा। इस दौरान युवा विद्यार्थियों ने समसामयिक विषयों, समाज भविष्य की चुनौतियों और अपनी आकांक्षाओं से जुड़े कई विचारपूर्ण सवाल पूछे। उपराज्यपाल ने प्रत्येक प्रश्न का उत्साहपूर्वक जवाब देते हुए विद्यार्थियों की जिज्ञासा और विचारशीलता की सराहना की। उन्होंने अपने अनुभवों और मार्गदर्शन के माध्यम से बच्चों को आलोचनात्मक सोच विकसित करने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित किया। उनका प्रोत्साहन विद्यार्थियों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया।
साहस’ ई-पत्रिका का शुभारंभ, विद्यालय के इतिहास में जुड़ा नया अध्याय
समारोह में विद्यालय की ई-पत्रिका ‘साहस’ का इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से शुभारंभ भी किया गया। यह विद्यालय के लिए पहला ऐसा प्रयास है, जो विद्यार्थियों की लेखन क्षमता, रचनात्मक अभिव्यक्ति और विचारों को एक नया मंच प्रदान करेगा। इस पहल को शिक्षा के साथ-साथ साहित्यिक एवं बौद्धिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया। समारोह ने यह संदेश दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अंक हासिल करना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर आत्मविश्वास, संस्कार, अनुशासन, रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता विकसित करना भी है।
विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर प्रोत्साहित करना ही उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का सबसे सशक्त माध्यम है। संदेश साफ है प्रतिभा को पहचान मिले मेहनत को सम्मान मिले और हर बच्चे के सपनों को उड़ान मिले। दिल्ली पुलिस पब्लिक स्कूल का यह आयोजन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में प्रेरणा, प्रोत्साहन और उत्कृष्टता का यादगार उत्सव बनकर सामने आया।












