नई दिल्ली: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर अपनों के पास पहुंचने की होड़ में दिल्ली-एनसीआर की रफ्तार थम सी गई है। त्योहार के दिन सुबह से ही मेट्रो स्टेशनों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का हुजूम देखने को मिल रहा है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने के लिए निकल पड़ी हैं, तो वहीं दूर-दराज रहने वाले लोग भी घरों का रुख कर रहे हैं। सार्वजनिक परिवहन पर दबाव अचानक कई गुना बढ़ गया है, जिससे प्रमुख स्टेशनों पर पैर रखने की जगह नहीं बची है। दफ्तर जाने वालों और त्योहार मनाने वालों की दोहरी आवाजाही ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
सड़कों पर रेंगते दिखे वाहन, एक्सप्रेसवे पर रात से लगा भीषण जाम
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे-9 पर गुरुवार शाम से ही गाड़ियों का पहिया थम गया, जो शुक्रवार सुबह तक जारी रहा। वाहनों की किलोमीटरों लंबी कतारों के कारण यात्रियों को घंटों जाम से जूझना पड़ रहा है।
गाजियाबाद के लाल कुआं, जीटी रोड और नोएडा के बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन के आसपास की सड़कों पर भारी भीड़ के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
सार्वजनिक परिवहन पर बढ़ा भारी दबाव
राखी पर यात्रियों की अप्रत्याशित संख्या को देखते हुए दिल्ली मेट्रो और राज्य परिवहन विभागों ने फेरों में इजाफा किया है। इसके बावजूद टिकट काउंटरों, ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन (एएफसी) गेटों और बस अड्डों पर लंबी-लंबी कतारें बनी हुई हैं। आनंद विहार, कश्मीरी गेट और अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों पर सुबह से ही बसें खचाखच भरकर रवाना हो रही हैं। रेलवे स्टेशनों पर भी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा है।
यातायात पुलिस की एडवाइजरी और पुलिसबल तैनात
सड़कों पर ट्रैफिक सुचारू रखने के लिए नोएडा और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। भीड़भाड़ वाले मुख्य चौराहों से वाहनों को डायवर्ट किया जा रहा है, हालांकि डायवर्जन के चलते वैकल्पिक रास्तों पर भी गाड़ियों का दबाव बढ़ गया है। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले लाइव ट्रैफिक अपडेट जरूर जांच लें। बेहद जरूरी न होने पर मुख्य हाईवे के बजाय वैकल्पिक रास्तों का चुनाव करने की सलाह दी गई है, ताकि इस महाजाम के बीच त्योहार का सफर सुगम बना रहे।












