तिहाड़ से बाहर आते ही सौरभ दास के तेवर तल्ख, बोले- मर्यादा में रहो, हम भी ऐक्शन ले सकते हैं

0
7

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका शुक्रवार को एक बार फिर मंदिर मार्ग पुलिस थाने में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के समक्ष पेश हुए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उनके खिलाफ दर्ज दो अलग-अलग मामलों में पूछताछ की गई। दोनों नेताओं ने गुरुवार को जांच में शामिल होने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था, जिसके बाद आज उनकी पेशी हुई।

SEM कोर्ट से बाहर निकलने के बाद सौरभ दास ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने सभी से मर्यादा बनाए रखने की अपील की, साथ ही चेतावनी भी दी कि जरूरत पड़ी तो वह भी एक्शन ले सकते हैं।

सौरभ दास ने दी कार्रवाई की चेतावनी

मंदिर मार्ग थाने के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए सौरभ ने कहा, “मैं सभी से अनुरोध करूंगा कि एग्जीक्यूटिव कोर्ट में चल रही कार्यवाही का सम्मान करें। हम इस कार्यवाही को लेकर मीडिया से कोई जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं। जो लोग जानकारी लीक कर रहे हैं, उन्हें भी न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए। इसे हल्के में न लें, क्योंकि जरूरत पड़ने पर हम भी कार्रवाई कर सकते हैं। सभी को जिम्मेदारी से काम लेना चाहिए।”

भविष्य की रणनीति पर मिलकर होगा फैसला

आगे की योजना को लेकर पूछे गए सवाल पर सौरभ ने कहा कि यह फैसला अकेले CJP नहीं लेगी। उन्होंने कहा, “जहां तक हमारी भविष्य की योजनाओं की बात है, तो इस पर सभी लोग मिलकर फैसला लेंगे। यह कोई ऐसा फैसला नहीं है जिसे सिर्फ CJP अकेले ले। इस आंदोलन से कई लोग जुड़े हुए हैं, और सभी चर्चा करके तय करेंगे कि आगे क्या कदम उठाना है।” इसी दौरान उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा, “लेकिन ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा तय है।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

तिहाड़ से रिहाई के बाद फिर पूछताछ

बता दें कि SEM ने बुधवार को सौरभ दास और आशुतोष रांका को रिहा करने का आदेश दिया था, जिसके बाद दोनों की तिहाड़ जेल से रिहाई हुई थी। रिहाई के दौरान दोनों नेताओं ने SEM को हलफनामा दिया था कि वे शांति भंग नहीं करेंगे और जब तक जंतर-मंतर को अधिसूचित धरना स्थल घोषित नहीं किया जाता, तब तक वहां विरोध-प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे।

साथ ही दोनों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानतदार पेश करने के निर्देश दिए गए थे। गौरतलब है कि 13 अक्टूबर को प्रदर्शनों के दौरान शांति भंग होने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर संसद मार्ग थाने की पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत दोनों नेताओं के खिलाफ निवारक कार्रवाई शुरू की थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here