नई दिल्ली: BRICS Summit 2026 के लिए दुनिया के कई बड़े नेता भारत पहुंच रहे हैं. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताई है कि दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक बातचीत होगी. उन्होंने कहा कि सभी देशों के नेता दुनिया के कल्याण की भावना के साथ अलग-अलग विषयों पर चर्चा करेंगे.
प्रधानमंत्री मोदी ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में दुनिया भर के नेता BRICS Summit के लिए भारत में जुटेंगे. उन्हें भरोसा है कि सम्मेलन में वैश्विक हित को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा होगी.
भारत में शनिवार से शुरू होने वाले दो दिवसीय BRICS Summit में खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य, आपदा से निपटने की तैयारी और जरूरी सामान की आपूर्ति जैसी प्राथमिकताओं पर ध्यान रहने की उम्मीद है. भारत ऐसे समय में BRICS की अध्यक्षता कर रहा है, जब दुनिया कई बड़े संकटों से गुजर रही है. नई दिल्ली में होने वाले इस सम्मेलन की पृष्ठभूमि में रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में जारी तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर पैदा हुई स्थिति और अमेरिका की व्यापार तथा शुल्क नीतियां प्रमुख मुद्दे हैं. इन घटनाओं का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है.
सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी समेत कई बड़े नेता शामिल होंगे. मलेशिया, इथियोपिया और वियतनाम के शीर्ष नेता भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.
पुतिन ने शुरू की तीन दिवसीय भारत यात्रा
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को BRICS Summit में शामिल होने के लिए भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए. इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे. उनके साथ रूस का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है. पुतिन की यात्रा का एक अहम उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाना है. फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह रूस के बाहर आयोजित BRICS Summit में पुतिन की पहली प्रत्यक्ष भागीदारी बताई जा रही है.
शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट
BRICS Summit में बड़े नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. भारत मंडपम में होने वाले सम्मेलन के दौरान करीब 15 हजार दिल्ली पुलिसकर्मी, अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां और 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए सुरक्षा पर नजर रखी जाएगी.
प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन के बीच शुक्रवार दोपहर व्यापक बातचीत होने की उम्मीद है. इसमें रक्षा, ऊर्जा, तकनीक, दवा उद्योग और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा हो सकती है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा है कि शहर को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा. हालांकि, वीवीआईपी काफिलों के गुजरने के दौरान कुछ रास्तों पर थोड़ी देर के लिए यातायात रोका जा सकता है या मार्ग बदला जा सकता है.












