गुजरात की साबरमती जेल में कैद लॉरेंस बिश्नोई का नाम लंबे समय से देश के अलग-अलग राज्यों में सामने आए आपराधिक मामलों और गैंगवार से जुड़ता रहा है। अब उसके सामने मौजूद चुनौतियों को लेकर एक नई चर्चा शुरू हुई है। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि जिन लोगों के साथ कभी उसका मजबूत नेटवर्क था, उनमें से कुछ के साथ रिश्ते पहले जैसे नहीं रहे। दूसरी ओर बंबीहा गिरोह और दिल्ली-हरियाणा के कई आपराधिक समूहों को भी उसके विरोधी खेमे से जोड़कर देखा जाता है।
पंजाब से लेकर राजस्थान और विदेशों तक फैले बताए जाने वाले इन नेटवर्कों के बीच पुरानी घटनाओं ने टकराव को गहरा किया है। हालांकि, किसी व्यक्ति को लॉरेंस के लिए प्रत्यक्ष जानलेवा खतरा बताने की आधिकारिक पुष्टि हर मामले में उपलब्ध नहीं है। आइए जानते हैं उन दस नामों के बारे में, जिनका जिक्र इस आपराधिक प्रतिद्वंद्विता के संदर्भ में किया जाता है।
गोल्डी बराड़: कभी भरोसेमंद साथी, अब अलग राहों की चर्चा
गोल्डी बराड़ को लंबे समय तक लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी के रूप में देखा गया। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जांच के दौरान दोनों के नाम प्रमुखता से सामने आए थे। जून 2025 के बाद इनके बीच मतभेद और अलगाव की खबरें सामने आईं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है, लेकिन कथित दूरी ने पुराने गैंग नेटवर्क के समीकरणों को चर्चा में ला दिया है।
रोहित गोदारा: राजस्थान से जुड़ा चर्चित नाम
रोहित गोदारा का नाम पहले लॉरेंस और गोल्डी से जुड़े नेटवर्क के साथ लिया जाता रहा है। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था। हालिया रिपोर्टों में उसे गोल्डी बराड़ के करीबी खेमे से जोड़ा गया है।
लक्की पटियाल: बंबीहा नेटवर्क की अहम कड़ी
लक्की पटियाल को विदेश से संचालित बताए जाने वाले बंबीहा गिरोह का प्रमुख चेहरा माना जाता है। लॉरेंस से जुड़े समूह और इस नेटवर्क के बीच पुरानी रंजिश रही है। विक्की मिड्डूखेड़ा हत्याकांड के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने की खबरें आई थीं।
कौशल चौधरी: हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय नेटवर्क
हरियाणा के कौशल चौधरी का नाम भी बंबीहा गुट से जोड़ा जाता है। उसके नेटवर्क की गतिविधियां हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में कई आपराधिक मामलों की जांच के दौरान चर्चा में रही हैं।
शहजाद भट्टी: वीडियो के जरिए दी थी चुनौती
शहजाद भट्टी और लॉरेंस के बीच पहले संपर्क होने की बातें सामने आई थीं। जून 2024 में दोनों की बातचीत का वीडियो भी चर्चा में आया था। हालांकि, अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के बाद संबंधों में खटास की खबरें सामने आईं। भट्टी ने वीडियो जारी कर लॉरेंस को चुनौती भी दी थी।
नीरज बवाना: दिल्ली के आपराधिक जगत का नाम
नीरज बवाना का नाम दिल्ली के पुराने गैंग नेटवर्क और लॉरेंस विरोधी समूहों के संदर्भ में लिया जाता रहा है। उसे बंबीहा गिरोह से जुड़े लोगों के साथ भी जोड़ा गया है।
अरश डल्ला: विदेश में मौजूद नेटवर्क का जिक्र
अरशदीप सिंह गिल उर्फ अरश डल्ला का नाम पंजाब के कई गंभीर आपराधिक मामलों में सामने आया है। भारतीय एजेंसियों ने उसे वांछित बताया है। बंबीहा नेटवर्क से कथित संबंधों के कारण उसका नाम भी इस प्रतिद्वंद्विता में शामिल किया जाता है।
देविंदर बंबीहा: मौत के बाद भी जारी रही गिरोह की पहचान
देविंदर बंबीहा की 2016 में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। इसके बावजूद उसके नाम से जुड़ा नेटवर्क बाद में भी सक्रिय बताया जाता रहा। लक्की पटियाल सहित कई लोगों को इस समूह से जोड़ा गया है। उसकी विरासत दोनों गिरोहों के बीच पुरानी दुश्मनी को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
हिमांशु भाऊ: हरियाणा से जुड़ा प्रतिद्वंद्वी
रोहतक के हिमांशु भाऊ का नाम हत्या, रंगदारी और गोलीबारी के मामलों में सामने आया है। उसे लॉरेंस विरोधी नेटवर्क से जुड़ा बताया जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी एजेंसियों ने उसे लास वेगास में हिरासत में लिया था।
नीरज फरीदपुरिया: बंबीहा गुट से कथित संबंध
हरियाणा के पलवल से जुड़े नीरज फरीदपुरिया को बंबीहा नेटवर्क का अहम सदस्य बताया जाता है। उसका नाम कई आपराधिक मामलों की जांच में आया है। खबरों के मुताबिक, उसे भी 22 अक्टूबर को लास वेगास में हिरासत में लिया गया था। दोनों को भारत लाने के लिए एजेंसियों के बीच समन्वय की बात सामने आई है।
ध्यान देने योग्य: इन दस नामों का जिक्र मीडिया रिपोर्टों और कथित गैंग संबंधों के आधार पर है। इन्हें लॉरेंस बिश्नोई के लिए प्रमाणित व्यक्तिगत खतरे की आधिकारिक सूची नहीं माना जाना चाहिए।












