खाकी का छापा, विदेशी सिगरेट का ‘काला स्टॉक’ साफ 78,800 सिगरेट बरामद

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नई दिल्ली: राजधानी के खारी बावली इलाके में विदेशी सिगरेट के अवैध कारोबार पर दिल्ली पुलिस की उत्तरी जिले की विशेष कार्यबल टीम ने जोरदार प्रहार किया है। नयाबांस पान मंडी स्थित एक दुकान पर की गई छापेमारी में पुलिस ने अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय ब्रांड की 78,800 सिगरेट की डंडियां बरामद की हैं। पुलिस के मुताबिक बरामद सिगरेट पर भारतीय कानून के तहत अनिवार्य चित्रात्मक स्वास्थ्य चेतावनी अंकित नहीं थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दुकान के मैनेजर 45 वर्षीय जुनैद अहमद को पकड़ लिया।

उत्तरी जिला डीसीपी निहारिका भट्ट ने बताया कि जिले की एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि नयाबांस, पान मंडी खारी बावली स्थित दुकान संख्या 6363 में बिना जरूरी स्वास्थ्य चेतावनी वाली विदेशी सिगरेट का बड़े पैमाने पर भंडारण किया गया है। सूचना मिलते ही एसटीएफ ने जाल बिछाया और बताए गए ठिकाने पर दबिश दी। पुलिस टीम को देखते ही इलाके में हलचल मच गई और तलाशी शुरू होते ही विदेशी सिगरेट का बड़ा जखीरा सामने आ गया।

एक दुकान नौ ब्रांड और 78800 सिगरेट

तलाशी के दौरान पुलिस ने एस्से लाइट्स की 32,200, मोंड की 32,000, एस्से स्पेशल गोल्ड की 5,200, एस्से गोल्डन लीफ की 2,400, विन की 2,400, डजारम ब्लैक की 1,600, डनहिल सिल्वर की 1,400, डनहिल ब्लैक की 1,000 और डेविडॉफ गोल्ड की 600 सिगरेट बरामद कीं। यानी एक ही ठिकाने से कुल 78,800 सिगरेट की डंडियां पुलिस के हाथ लगीं। पुलिस की जांच में सामने आया कि इन सिगरेट पर भारतीय कानून के अनुसार अनिवार्य चित्रात्मक स्वास्थ्य चेतावनी नहीं थी। इसके बाद थाना लाहौरी गेट में एफआईआर संख्या 487/2026 धूम्रपान एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत दर्ज की गई है।

छह महीने से मैनेजर अंदर चल रहा था विदेशी सिगरेट का खेल

पूछताछ में पुलिस के मुताबिक जुनैद अहमद ने बताया कि वह पिछले करीब छह महीने से उक्त दुकान पर मैनेजर के रूप में काम कर रहा था। दुकान पर गुटखा के साथ विदेशी ब्रांड की सिगरेट भी कथित तौर पर थोक में रखी जाती थी। इन्हें ग्राहकों को खुदरा बिक्री के अलावा विशेष ऑर्डर मिलने पर भी उपलब्ध कराया जाता था।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर यह सिगरेट कहां से आती थी और इनके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे। दुकान का मालिक छापेमारी के समय मौके पर मौजूद नहीं था। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि बरामद सिगरेट की खरीद भंडारण और बिक्री में उसकी क्या भूमिका थी।

सप्लायर तक पहुंचेगी पुलिस की जांच

एसटीएफ की कार्रवाई के बाद अब जांच का अगला निशाना वह नेटवर्क है जिसके जरिए विदेशी सिगरेट की खेप दुकान तक पहुंची। पुलिस बरामद माल के स्रोत, सप्लायर और वितरण व्यवस्था का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।इस पूरी कार्रवाई में एसटीएफ उत्तरी जिले की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में उपनिरीक्षक सौरव, उपनिरीक्षक सरताज सहायक उपनिरीक्षक राजीव, सहायक उपनिरीक्षक शाहिर, हेड कांस्टेबल निशांत, हेड कांस्टेबल परवीन हेड कांस्टेबल मुकुल, कांस्टेबल निशांत और कांस्टेबल मयंक शामिल रहे। टीम ने निरीक्षक आशीष कुमार दुबे प्रभारी एसटीएफ उत्तरी जिला के नेतृत्व में तथा सहायक पुलिस आयुक्त ऑपरेशन उत्तर विशेष धत्तरवाल के मार्गदर्शन में कार्रवाई को अंजाम दिया। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर दिखाया कि अवैध तंबाकू कारोबार चाहे बाजार की भीड़ में कितना ही छिपकर क्यों न चल रहा हो खाकी की नजर से बचना आसान नहीं है। अब पुलिस की नजर बरामद सिगरेट के पीछे छिपे सप्लाई नेटवर्क पर है।

Reported by: Pankaj Rai

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