नई दिल्ली: साइबर ठगों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए ठगी के तार केरल तक खंगाल डाले। पश्चिमी जिले के मायापुरी थाने की पुलिस टीम ने साइबर धोखाधड़ी के मामले में कोझिकोड, केरल से 43 वर्षीय राजू को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपी के बैंक खाते में ठगी के 98001 रुपये पहुंचने का पता चला। यही खाता राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज छह शिकायतों से जुड़ा मिला।
एक खाते से खुलने लगी ठगी की परतें
वेस्ट जिला डीसीपी हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि एक महिला ने शिकायत दी थी कि उसके संयुक्त केनरा बैंक खाते से बिना अनुमति दो लेन-देन किए गए। इनमें 98,001 रुपये और 98,002 रुपये निकाले गए, यानी कुल 1,96,003 रुपये की रकम प्रभावित हुई। इस मामले में छह जून 2026 को ई-एफआईआर संख्या 310/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4)/61(2) में मामला दर्ज किया गया।
दिल्ली से केरल तक पहुंची पुलिस की टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए मायापुरी थाना पुलिस ने बैंक खातों के अभिलेखों लेन-देन के विवरण और संबंधित बैंकों से प्राप्त दस्तावेजों की जांच की। जांच में 98,001 रुपये के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के उस खाते में पहुंचने की जानकारी मिली जो केरल निवासी राजू के नाम पर था। इसके बाद पुलिस टीम ने कोझिकोड पहुंचकर आरोपी को पकड़ा।
कमीशन के बदले खाते देने का आरोप
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर कमीशन के बदले अपने बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए करने की बात बताई। उसने यह भी बताया कि खाते से रकम निकालकर एक अज्ञात व्यक्ति को नकद सौंप दी थी। पुलिस अब शेष रकम और अन्य संदिग्धों की पहचान में जुटी है।
इन पुलिसकर्मियों ने संभाली कमान
कार्रवाई में उपनिरीक्षक रॉबिन खटाना, कांस्टेबल पुनीत और कांस्टेबल अनिल शामिल रहे। टीम ने थाना प्रभारी निरीक्षक मोहिंदर लाल और सहायक पुलिस आयुक्त इंद्रराज सिंह मीणा के पर्यवेक्षण में कार्रवाई की। पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी. स्वामी के समग्र निर्देशन में आगे की जांच जारी है।
Reported By: Pankaj Rai











