नई दिल्ली: साइबर ठगों का खेल फर्जी दस्तावेजों का जाल और बैंकिंग व्यवस्था के भीतर कथित मिलीभगत! उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस ने 7.36 करोड़ की साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए बैंक प्रबंधक समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में कैथरीन सीरियन बैंक की सरस्वती विहार और त्रि नगर शाखाओं में संचालित 37 संदिग्ध म्यूल बैंक खातों का खुलासा हुआ है। ये खाते देशभर में दर्ज 99 साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़े पाए गए।
फर्जी पहचान का खेल, बैंक खातों से करोड़ों का लेनदेन
दिल्ली पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान ज्वाइंट सीपी विजय सिंह ने बताया कि मामले की शुरुआत संदिग्ध बैंक खातों की जांच से हुई। 17 जून को प्राथमिकी संख्या 28/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी निगरानी मोबाइल नंबरों ईमेल और डिजिटल संपर्कों की पड़ताल के बाद मयंक कपूर उर्फ रिंकू को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि वह लोगों को ऋण दिलाने का झांसा देकर उनके पहचान संबंधी दस्तावेज और तस्वीरें हासिल करता था। इनका इस्तेमाल कथित तौर पर फर्जी तरीके से बैंक खाते खुलवाने में किया जाता था।
बैंक अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
जांच में सरस्वती विहार शाखा के प्रबंधक शोभित अग्रवाल और त्रि नगर शाखा के प्रबंधक सुशांत कुमार की कथित भूमिका सामने आई। पुलिस के मुताबिक वास्तविक खाताधारकों की अनुपस्थिति और कथित फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर खाते खोले गए। आरोप है कि साइबर ठगी से प्राप्त रकम का एक हिस्सा बैंक अधिकारी को दिया जाता था जबकि शेष राशि को ट्रस्ट वॉलेट के माध्यम से यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदलने का तरीका अपनाया जाता था।
दस्तावेजों का जखीरा बरामद, पांच अन्य आरोपी भी गिरफ्तार
पुलिस ने मयंक कपूर के कब्जे से सात मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 11 सिम कार्ड, सात चेक बुक, सात डेबिट कार्ड, 63 आधार कार्ड, 60 पैन कार्ड, 55 तस्वीरें, करीब 150 ग्राम सोने के आभूषण और 60 हजार रुपये नकद बरामद किए। मामले में अंकुर कुमार, मनोज, पंकज पांडेय, फातमा और शोभित अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, सुशांत कुमार की भूमिका सहित अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
यह कार्रवाई थाना साइबर उत्तर-पश्चिम जिला के प्रभारी निरीक्षक दिनेश दहिया के नेतृत्व में उपनिरीक्षक नवीन, हेड कांस्टेबल गौरव, दीपक, सचिन और कांस्टेबल अनुज की टीम ने की। कार्रवाई सहायक पुलिस आयुक्त सृष्टि भट्ट की निगरानी और पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव (आईपीएस) के समग्र पर्यवेक्षण में हुई।
Reported by: Pankaj Rai












