पटना: बिहार में शिक्षकों के लिए अच्छी खबर सामने आई है. बता दें, प्रदेश में शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (TRE-4) को लेकर बड़ी तैयारी शुरू हो गई है. वहीं इसी सिलसिले में शिक्षा विभाग ने राज्य के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में कुल 32,388 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी है. जानकारी के अनुसार, वर्तमान समय में स्कूल में शिक्षकों की कमी के आधार पर इस भर्ती प्रक्रिया को तैयार किया गया है ताकि जिन स्कूलों में शिक्षकों की अधिक जरूरत है, उन्हें प्राथमिकता दी जाए सके और वहां जल्द से जल्द नियुक्तियां हो सकें.
शिक्षकों की कमी का किया गया विस्तृत आकलन
वहीं शिक्षकों की कमी को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि पहली बार राज्यभर में डिस्ट्रिक्ट वाइज और स्कूल वाइज विस्तृत आकलन किया गया है. इसी आकलन के आधार पर रिक्त पदों का निर्धारण कर बीपीएससी को प्रस्ताव भेजा गया है. उन्होंने आगे कहा कि इस व्यवस्था के कारण शिक्षकों की नियुक्ति अधिक पारदर्शी होगी और साथ ही जरूरत के अनुसार उन्हें नियुक्त किया जा सकेगा.
कहां है सबसे अधिक वैकेंसी
शिक्षा विभाग के अनुसार, सबसे अधिक वैकेंसी प्लस-टू के स्कूलों में है. इसी के चलते 16,100 शिक्षकों की नियुक्ति उच्च माध्यमिक स्कूलों के लिए प्रस्तावित की गई है. विभाग का कहना है कि साइंस फैकल्टी के शिक्षकों की अधिक कमी है. यही वजह है कि सब्जेक्ट वाइज शिक्षकों की वैकेंसी का भी अलग से उल्लेख किया गया है ताकि रूरत वाले विषयों में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की जा सकें. वहीं मिडिल स्कूल के लिए लिए 8,563 शिक्षकों की बहाली की जाएगी, जबकि सेकेंडरी स्कूल में 3,877 शिक्षकों और प्राइमरी स्कूलों में 3,847 शिक्षकों की भर्ती होगी.
किन जिलों में है शिक्षकों की अधिक कमी
शिक्षा विभाग के आकलन अनुसार, राज्य के पूर्णिया, अररिया और जमुई जैसे जिलों में शिक्षकों की सबसे अधिक कमी है. इस के चलते इन तीनों जिलों में एक-एक हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति किए जाने की संभावना है, जिससे वहां लंबे समय से चल रही शिक्षकों की कमी दूर हो सके. इसके साथ ही विभाग ने साफ कहा कि नई नियुक्तियों से पहले जरूरत पड़ने पर अन्य विभागों के अधीन संचालित विद्यालयों, जैसे अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के स्कूलों में प्रतिनियुक्ति के आधार पर शिक्षक उपलब्ध कराए जाएंगे। विभाग का मानना है कि TRE-4 की भर्ती प्रक्रिया पूरी प्रक्रिया होने के बाद राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता पहले की तुलना में काफी बेहतर हो जाएगी.












