Everest के 4 मसाला प्रोडक्ट्स पर FSSAI की नजर, आपत्ति जताकर भेजा नोटिस

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Everest FSSAI notice Hing 4 spices quality labeling violation
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नई दिल्ली: मसाला कंपनी एवरेस्ट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण FSSAI ने एवरेस्ट हींग की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी है। जांच में यह प्रोडक्ट गलत लेबलिंग वाला और घटिया क्वालिटी का पाया गया है।

एवरेस्ट हींग की बिक्री पर अस्थायी रोक   

FSSAI ने साफ कहा है कि यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक कंपनी जरूरी खाद्य सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन नहीं करती। मतलब साफ है कि कंपनी को अपनी क्वालिटी और लेबलिंग में सुधार करना होगा तभी प्रोडक्ट दोबारा बाजार में आ सकेगा। इसी के साथ लालजी गोधू हींग की बिक्री पर भी फिलहाल रोक लगाई गई है और कंपनी को चेतावनी जारी की गई है।

तीन और मसालों में भी मिली गड़बड़ी   

FSSAI की जांच में सिर्फ हींग ही नहीं बल्कि एवरेस्ट के तीन और मसालों में भी नियमों का पालन न होने की बात सामने आई है। इनमें एवरेस्ट एग करी मसाला, चिकन मसाला और गरम मसाला शामिल हैं।

हालांकि राहत की बात यह है कि इन तीन प्रोडक्ट्स पर फिलहाल प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन कंपनी को इनमें भी सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई उपभोक्ताओं की सेहत को ध्यान में रखते हुए की गई है ताकि घटिया क्वालिटी के मसाले बाजार में न बिकें।

पैक्ड फूड पर अब लाल निशान वाला चेतावनी लेबल   

यह पूरा मामला तब सामने आया है जब FSSAI ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने पैक्ड फूड के लिए फ्रंट-ऑफ-पैक यानी पैकेट के सामने चेतावनी लेबल का नया प्रस्ताव दिया है।

इस प्रस्ताव के तहत गहरे लाल रंग का षट्कोणीय निशान यानी छह कोनों वाला निशान उन प्रोडक्ट्स पर लगाया जाएगा जिनमें चीनी, नमक या सैचुरेटेड फैट की मात्रा बहुत ज्यादा होगी। इससे ग्राहकों को आसानी से पता चल सकेगा कि कौन सा प्रोडक्ट सेहत के लिए ज्यादा नुकसानदायक है।

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद आया प्रस्ताव   

बता दें कि यह प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट की उस बेंच द्वारा FSSAI और सरकार को फ्रंट-ऑफ-पैक लेबल लाने में देरी के लिए फटकार लगाने के कुछ दिनों बाद ही पेश किया गया है। इस बेंच की अध्यक्षता जस्टिस जेबी पारदीवाला कर रहे थे।

कोर्ट ने कहा था कि लोगों की सेहत से जुड़े इस अहम फैसले में इतनी देरी नहीं होनी चाहिए। वहीं दूसरी तरफ खाद्य उद्योग ने प्रस्तावित नियमों के कुछ पहलुओं पर चिंता जताई है। कोका-कोला और नेस्ले व पेप्सिको का प्रतिनिधित्व करने वाले समूहों ने कुछ उपायों का विरोध किया है।

इस बीच महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन के कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने खाद्य व्यवसायों से आग्रह किया है कि वे केवल नियमों का पालन करने तक सीमित न रहें बल्कि उपभोक्ताओं के प्रति अधिक जिम्मेदारी से काम करें।

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