दिशा सालियान मामले में नाम आने पर सूरज पंचोली ने तोड़ी चुप्पी, कहा- दिशा से कभी मिला ही नहीं

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Disha Salian case CBI registers FIR
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नई दिल्ली: दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में सीबीआई की ओर से FIR दर्ज किए जाने के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में है. इसी बीच दिशा के पिता सतीश सालियान ने कई लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. इनमें अभिनेता सूरज पंचोली का नाम भी शामिल है. अब सूरज पंचोली ने सोशल मीडिया पर एक लंबा बयान जारी कर इन आरोपों और दिशा सालियान से किसी भी तरह के संपर्क से साफ इनकार किया है.

सूरज ने अपने बयान में कहा कि पिछले कई वर्षों से मीडिया रिपोर्ट्स और अलग-अलग चर्चाओं के जरिए उनका नाम दिशा सालियान की मौत से जुड़ी कथित घटनाओं के साथ जोड़ा जाता रहा है. अभिनेता के मुताबिक, यह दावा पूरी तरह गलत है, क्योंकि वह अपनी जिंदगी में दिशा से कभी मिले ही नहीं.

दिशा सालियान से संपर्क के दावे पर क्या बोले सूरज

सूरज पंचोली ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि ‘मैं यह बात बिल्कुल साफ-साफ कहना चाहता हूं! मैं अपनी जिंदगी में कभी भी स्वर्गीय दिशा सालियन से न तो सीधे तौर पर और न ही किसी और तरह से मिला हूं।’ अभिनेता ने अपने बयान में आदित्य ठाकरे के नाम पर भी सफाई दी. उन्होंने कहा कि वह अपनी जिंदगी में कभी आदित्य ठाकरे से भी नहीं मिला हूं!

उन्होंने आगे लिखा कि, ‘सच कहूं तो, यह बहुत गलत और बेहद परेशान करने वाला है कि मेरा नाम ऐसी चीज में घसीटा जा रहा है जिससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है, खासकर तब जब मुझे इस मामले से जोड़ने वाला कोई सबूत या प्रमाण ही नहीं है।’

‘4-5 साल पहले मेरा बयान लिया जा चुका है’

सूरज ने कहा कि उन्होंने काफी समय तक इन बातों पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं दी, क्योंकि वह अपने बारे में सामने आने वाली हर खबर का जवाब देना जरूरी नहीं समझते थे. लेकिन जब एक ही तरह की बातें बार-बार सामने आने लगीं, तब उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी.

उन्होंने दावा किया कि इस मामले में सीबीआई और पुलिस पहले ही उनसे पूछताछ कर चुकी है और करीब चार-पांच साल पहले उनका बयान भी दर्ज किया गया था. सूरज ने कहा कि अगर किसी जांच एजेंसी को आगे उनसे कोई जानकारी चाहिए या दोबारा पूछताछ करनी हो तो वह इसके लिए तैयार हैं. अभिनेता ने यह भी कहा कि उन्हें जांच में सहयोग करने में कोई परेशानी नहीं है. उन्होंने अपनी ओर से किसी भी तरह की जांच के लिए उपलब्ध रहने की बात कही है.

‘मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं’

अपने पोस्ट में सूरज पंचोली ने कहा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है. उन्होंने जांच एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करने की बात दोहराई. साथ ही उन्होंने अपील की कि किसी मामले में उनका नाम जोड़ने से पहले उपलब्ध तथ्यों की ठीक से जांच की जाए. सूरज ने दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में निष्पक्ष और पूरी जांच का समर्थन करने की बात भी कही. उनके मुताबिक, अगर जांच एजेंसियों को उनसे किसी भी तरह की अतिरिक्त जानकारी चाहिए तो वह उसके लिए तैयार हैं.

सोशल मीडिया और टीवी की खबरों पर दी चेतावनी

अभिनेता ने अपने बयान में सोशल मीडिया और टीवी पर चलने वाली चर्चाओं को लेकर भी लोगों को सावधान किया. उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के बारे में सिर्फ किसी खबर, बहस या टीवी पर कही गई बात के आधार पर राय नहीं बनानी चाहिए. 

सूरज ने कहा कि किसी खबर की हेडलाइन अपने आप में सबूत नहीं होती. इसी तरह किसी टीवी डिबेट में कही गई बात को भी तथ्य नहीं माना जा सकता. उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़ी गलत या दुर्भावनापूर्ण बातों की भी जांच होनी चाहिए, क्योंकि किसी की मौत को आधार बनाकर किसी दूसरे व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है.

‘हर नाम के पीछे एक असली इंसान है’

अपने बयान के अंत में सूरज ने कहा कि टीवी और सोशल मीडिया पर चर्चा में आने वाले हर नाम के पीछे एक वास्तविक व्यक्ति, उसका परिवार और उसकी जिंदगी होती है. उन्होंने कहा कि वह लंबे समय तक चुप रहे, लेकिन अब उस मामले में लगातार अपना नाम जोड़े जाने पर चुप नहीं रहेंगे. सूरज ने कहा कि उन्हें कानून और जांच एजेंसियों पर भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी. उन्होंने लोगों से अपील की कि अटकलों के बजाय तथ्यों पर भरोसा किया जाए और जांच एजेंसियों को अपना काम करने दिया जाए.

दिशा के पिता की ओर से लगाए गए गंभीर आरोप

इस मामले में दिशा के पिता सतीश सालियान के वकील निलेश ओझा ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके मुताबिक, दिशा के साथ कथित तौर पर गैंगरेप के बाद हत्या की गई थी. उन्होंने दावा किया कि दिशा के पास कुछ ऐसे सबूत थे जो आदित्य ठाकरे से जुड़े एक कथित गैंग के ड्रग्स और बाल तस्करी से संबंधों की ओर इशारा करते थे और ये जानकारी उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत को दी थी.

ओझा ने यह भी दावा किया कि दिशा का मोबाइल 9 जून से 17 जून 2020 के बीच आरोपियों के कब्जे में रहा. हालांकि, ये सभी आरोप संबंधित पक्षों की ओर से किए गए दावे हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता. मामले में जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर ही इन दावों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी.

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