मुंबई: चार बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके मनोज बाजपेयी इन दिनों बॉलीवुड से नाराज चल रहे हैं। उनकी पिछली दो फिल्में बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलीं और नेटफ्लिक्स पर आई नई फिल्म ‘गजब रात’ को भी मिले-जुले रिव्यू ही मिले हैं। इसी बीच प्रमोशन के दौरान उन्होंने इंडस्ट्री को लेकर बड़ा बयान दे दिया है।
57 साल के मनोज ने कहा कि बॉलीवुड को एक परिवार मानना सबसे बड़ा भ्रम है। उन्होंने साफ कहा कि यहां कोई किसी की कद्र नहीं करता इंडस्ट्री एक परिवार है, ये सब बकवास है। 1994 में ‘बैंडिट क्वीन’ से डेब्यू करने वाले मनोज को इंडस्ट्री में 32 साल हो गए हैं, फिर भी उन्हें कभी नहीं लगा कि वह सच में इसका हिस्सा हैं।
“बांद्रा में रहना जरूरी नहीं, काम अच्छा होना चाहिए”
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “अगर आप मुझे उदाहरण मानें तो मैं एक उदाहरण हूं। मैं फिल्म इंडस्ट्री से हूं, फिर भी इसका हिस्सा नहीं लगता। जरूरी नहीं कि आप बांद्रा में ही रहें, मलाड में रहकर भी अच्छी एक्टिंग कर सकते हैं। असली बात काम है। परिवार या बिरादरी जैसी कोई चीज नहीं है। सबके ऑफिस अलग हैं, कोई किसी के साथ पार्टी नहीं करता, किसी को फिल्म पसंद आए तो फोन करके तारीफ तक नहीं करता।”
“कोई किसी की सफलता से खुश नहीं”
मनोज ने कहा कि यहां कोई भी एक्टर दूसरे की सफलता से खुश नहीं होता, कोई डायरेक्टर खुद को दूसरे से कम नहीं समझता और कोई प्रोडक्शन हाउस दूसरे की कमाई देखकर खुश नहीं होता। उन्होंने अपने काम करने के तरीके पर कहा, “मैं काम करता हूं, पैसे लेता हूं और घर जाता हूं। मैं अकेले आया हूं और अकेले ही जाऊंगा। अगर आप मेरी आलोचना कर रहे हैं तो अपने घर पर रहिए। अगर तारीफ कर रहे हैं तो मैं सुनने के लिए बहुत दूर हूं। इसके साथ ही एक्टर ने कहा यहां किसी को किसी से कोई लगाव नहीं है। यहां कोई भाईचारा नहीं है, सभी अपनी लड़ाई खुद लड़ रहे हैं।”
“अब सेट पर नहीं होती बातचीत, सब वैनिटी वैन में बिजी”
उन्होंने सेट पर बराबरी की कमी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पहले एक्टर्स सेट पर साथ बैठते थे, बातें करते थे, शाम को मिलते थे, लेकिन अब सब अपनी वैनिटी वैन में जाकर सोशल मीडिया पर बिजी हो जाते हैं। उन्होंने कहा हर सेट पर सबको एक जैसा खाना मिलना चाहिए और कलाकारों के बीच बातचीत होनी चाहिए।












