नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में मौसम ने अचानक ऐसी करवट ली कि आसमान से बरसती बूंदों ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगाने के संकेत दे दिए। रातभर हुई झमाझम बारिश ने कई इलाकों को तरबतर कर दिया। कहीं सड़कों पर पानी भरने की आशंका है तो कहीं यातायात व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक झरोदा कलां में सर्वाधिक 89 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि लोदी रोड में 63 और सफदरजंग में 56.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
दिल्ली के अन्य इलाकों में भी बादलों ने जमकर पानी बरसाया। नारायणा में 44.5, पीतमपुरा में 42.5, पूसा में 41.5, प्रगति मैदान में 40.9 और जनकपुरी में 35.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। वहीं गुरुग्राम में 36 और झज्जर में 47 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। मयूर विहार में अपेक्षाकृत कम 9 मिलीमीटर बारिश हुई।
11 जिलों पर मौसम की मार का अलर्ट
मौसम विभाग की सुबह छह बजे जारी चेतावनी के मुताबिक सुबह नौ बजे तक दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 30 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई।

दक्षिण-पूर्व, पूर्वी, शाहदरा, मध्य, उत्तर-पूर्व, दक्षिण, नई दिल्ली, दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम, उत्तर-पश्चिम और उत्तर दिल्ली के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका भी जताई गई।
जलभराव से लेकर बिजली गिरने तक का खतरा
मौसम विभाग ने चेताया है कि तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर यातायात बाधित हो सकता है। कमजोर इमारतों, पेड़ों और विज्ञापन बोर्डों के गिरने के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। खुले खेतों में खड़ी फसलों और सब्जियों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लोगों से अपील की गई है कि जलभराव वाले रास्तों से बचें कमजोर निर्माणों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों तथा बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों में जाने से परहेज करें।












