हिमाचल के शिमला में भूकंप के झटके, 4.1 रही तीव्रता सुबह-सुबह हिली धरती

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शिमला: शनिवार की तड़के जब ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे, तभी हिमाचल प्रदेश की धरती अचानक हिल उठी। शिमला में भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसके बाद कई लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह रही कि किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 दर्ज की गई। झटके सुबह 4 बजकर 36 मिनट पर आए और कुछ सेकंड तक महसूस किए गए। इसका केंद्र शिमला में 31.298 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 77.529 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। जमीन की सतह से इसकी गहराई 10 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। शिमला जिले के रामपुर में लोगों ने झटकों को काफी तेज महसूस किया। डर के मारे वे अपने घरों से बाहर आ गए और कुछ देर तक बाहर ही रुके रहे।

कहीं नुकसान की खबर नहीं

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार, फिलहाल शिमला जिले और आसपास के इलाकों से किसी तरह के नुकसान की रिपोर्ट नहीं है। यह पहला मौका नहीं है, जब शिमला में धरती कांपी हो। इससे पहले 26 अगस्त की सुबह भी यहां भूकंप के हल्के झटके लगे थे। हिमाचल प्रदेश में पहले भी कई बार कम तीव्रता के झटके आ चुके हैं, लेकिन उनसे कोई नुकसान नहीं हुआ था।

आखिर क्यों आते हैं भूकंप

पृथ्वी की ऊपरी परत कई छोटी-बड़ी प्लेटों में बंटी हुई है। ये प्लेटें लगातार खिसकती रहती हैं, लेकिन इनकी रफ्तार बहुत धीमी होती है। जब ये आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे से रगड़ खाती हैं, तो इनके बीच भारी दबाव और ऊर्जा जमा होने लगती है। यही ऊर्जा जब अचानक बाहर निकलती है, तो धरती हिलने लगती है।

पहाड़ी इलाकों में भूकंप का खतरा ज्यादा माना जाता है। खासतौर पर हिमालय जैसे नए और भूगर्भीय रूप से सक्रिय पर्वतीय क्षेत्रों में यह जोखिम और बढ़ जाता है। हिमाचल प्रदेश हिमालय की गोद में बसा है, इसलिए यहां समय-समय पर हल्के झटके महसूस होते रहते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहना चाहिए और प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करना चाहिए।

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