नई दिल्ली: द्वारका जिले के सेक्टर- 23 थाना पुलिस टीम ने मेट्रो स्टेशन के आसपास मोटरसाइकिल चोरी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे और निशानदेही से पांच चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 23 वर्षीय धीरज पुत्र बुधराज निवासी बिजवासन दिल्ली के रूप में हुई है।
द्वारका जिला डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि मामले की शुरुआत 27 अगस्त 2026 को हुई जब सेक्टर-25 द्वारका मेट्रो स्टेशन के सामने से एक मोटरसाइकिल चोरी हो गई। शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-23 द्वारका में ई-एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने चोर तक पहुंचने के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
50-60 कैमरों की फुटेज ने खोली चोरी की राह
जांच के दौरान पुलिस टीम ने सेक्टर-25 मेट्रो स्टेशन से लेकर बिजवासन कापसहेड़ा और भरथल तक आरोपी के संभावित रास्ते की करीब 50 से 60 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। इसके साथ तकनीकी निगरानी और स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को भी सक्रिय किया गया। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि मेट्रो स्टेशन के आसपास मोटरसाइकिल चोरी करने वाला एक युवक कई चोरी की बाइक अपने पास रखे हुए है और उन्हें बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने भरथल गांव में जाल बिछाया और आरोपी धीरज को दबोच लिया।
पूछताछ में खुला चोरी की पांच बाइकों का राज
पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने मेट्रो स्टेशन के आसपास से कई मोटरसाइकिलें चोरी करने की बात कबूल की। उसकी निशानदेही पर पुलिस टीम सेक्टर-25 मेट्रो स्टेशन के पीछे फूलों की खेती वाले खेत में पहुंची जहां छिपाकर रखी गई चार चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। इसके बाद आरोपी की निशानदेही पर धूलसिरस स्थित खाली डीडीए भूमि से एक और चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुई। इस तरह पुलिस ने कुल पांच चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कर लीं।
नशे की आदत बनी चोरी की वजह
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि नशीले पदार्थों के सेवन की आदत के चलते उसने मोटरसाइकिल चोरी करना शुरू किया। वह मेट्रो स्टेशन के आसपास से बाइक चोरी करता था और चोरी की मोटरसाइकिलों को बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा था। इसी दौरान पुलिस की कार्रवाई ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। पुलिस की कार्रवाई से सेक्टर-23 द्वारका थाने में दर्ज पांच ई-एफआईआर का भी खुलासा हुआ है। इनमें 27 अगस्त 2026 और 29 जुलाई 2026 के मामले के अलावा वर्ष 2025 में दर्ज तीन मामले शामिल हैं। इस पूरी कार्रवाई को इंस्पेक्टर बिजेंद्र चिल्लर एसएचओ थाना सेक्टर-23 द्वारका के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। टीम में एएसआई मंगतू राम, हेड कांस्टेबल मुकेश, हेड कांस्टेबल शेर सिंह, हेड कांस्टेबल विक्की और कांस्टेबल राजेश शामिल रहे। पूरी कार्रवाई एसीपी द्वारका सब-डिवीजन किशोर कुमार की निगरानी में की गई।












