
रायपुर: झारखंड में सत्तारूढ़ झामुमो-कांग्रेस गठबंधन के भीतर मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं. कांग्रेस ने राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार, महंगाई और जनसमस्याओं को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है. पार्टी नेताओं का कहना है कि आम जनता की परेशानियों को लेकर प्रशासन और सरकार का ध्यान आकर्षित करना जरूरी हो गया है.
कहा से होगी आंदोलन की शुरुआत
बता दें, इस आंदोलन की शुरुआत धनबाद से की जाएगी. कांग्रेस की ओर से 13 मई को धनबाद प्रखंड और नगर मुख्यालय में एक दिवसीय धरना आयोजित किया जाएगा. इसके अलावा जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर जिले के अलग-अलग प्रखंडों और नगर मुख्यालयों में चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शन किए जाएंगे.
इन समस्याओं को लेकर उठेगा सवाल
पार्टी नेताओं के अनुसार धरने के दौरान क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, बढ़ती महंगाई, पेयजल संकट और आम लोगों से जुड़ी अन्य समस्याओं को उठाया जाएगा. इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा. कांग्रेस महासचिव और कार्यालय प्रभारी मधुसूदन चौधरी ने बताया कि यह अभियान विभिन्न प्रखंडों में लगातार चलाया जाएगा.
कहां-कहां होगा धरना
कार्यक्रम के तहत 14 मई को झरिया नगर अंचल कार्यालय, 16 मई को गोविंदपुर प्रखंड, 17 मई को कलियासोल और 18 मई को एग्यारकुंड तथा निरसा प्रखंड मुख्यालय में धरना दिया जाएगा. वहीं 19 मई को चिरकुंडा नगर परिषद कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा. इसके अलावा 23 मई को बलियापुर प्रखंड मुख्यालय के बाहर भी धरना प्रदर्शन किया जाएगा.
भाजपा ने भी घेरा
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने भी राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पानी और बिजली संकट को लेकर भाजपा सोमवार को धनबाद में उपायुक्त कार्यालय का घेराव करेगी. इस प्रदर्शन में महानगर और ग्रामीण भाजपा इकाइयां संयुक्त रूप से शामिल होंगी. भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय ने कहा कि राज्यभर में पेयजल संकट गंभीर होता जा रहा है और सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने में विफल रही है. उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर भाजपा लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है.
जानकारी के अनुसार, इस प्रदर्शन का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी करेंगे. भाजपा ने साथ ही 18 और 19 जून को जिला प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की भी घोषणा की है. पार्टी नेताओं का कहना है कि संगठन को और मजबूत करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं की भागीदारी जरूरी होगी.














