नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मुनाफावसूली और वैश्विक दबाव के कारण 29 अगस्त 2026 को भारतीय बुलियन मार्केट में सोने और चांदी के तेवर काफी नरम दिखाई दिए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) से लेकर देश के प्रमुख शहरों के सर्राफा बाजारों तक, कीमती धातुओं में भारी बिकवाली दर्ज की गई। त्योहारी सीजन से ठीक पहले आई इस गिरावट ने आभूषण प्रेमियों और निवेशकों को खरीदारी का एक बेहतरीन अवसर थमा दिया है।
प्रमुख महानगरों में क्या रहे रेट्स
दिल्ली, लखनऊ, नोएडा और जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,59,870 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बेचा जा रहा है, जबकि इन शहरों में 22 कैरेट का रेट 1,46,650 रुपये रहा।
मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,59,820 रुपये और 22 कैरेट की कीमत 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। पटना में 24 कैरेट सोने का भाव 1,59,870 रुपये और 22 कैरेट का भाव 1,46,550 रुपये रहा।
MCX और बुलियन बाजार में सोने की चाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 24 कैरेट सोने का वायदा भाव 1.63 फीसदी यानी 2,596 रुपये टूटकर 1,56,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,58,996 रुपये पर बंद हुआ था। बिना टैक्स के बुलियन बाजार में 24 कैरेट सोने की दर 1,56,820 रुपये दर्ज की गई, वहीं स्थानीय टैक्स जुड़ने के बाद दिल्ली सर्राफा बाजार में इसकी कीमत करीब 1,62,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।
गुडरिटर्न्स के आंकड़ों के अनुसार खुदरा बाजार में 24 कैरेट का रेट 1,59,870 रुपये के आसपास देखा गया। शुद्धता के लिहाज से देखें तो जहां 22 कैरेट सोने की कीमत 1,43,752 रुपये प्रति 10 ग्राम रही, वहीं 18 कैरेट सोना 1,17,615 रुपये पर आ गया। कम बजट वाले खरीदारों के लिए 14 कैरेट सोने का भाव 91,478 रुपये और 10 कैरेट का भाव 65,342 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
चांदी में भी दिखी बड़ी गिरावट
MCX पर चांदी का वायदा भाव 1.66 फीसदी यानी लगभग 4,000 रुपये गिरकर 2,36,651 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। आम बुलियन बाजार में चांदी 2,37,880 रुपये प्रति किलो रही, जबकि दिल्ली के हाजिर बाजार में 5,000 रुपये की सीधी चपत के साथ इसका भाव 2,45,500 रुपये प्रति किलो पर दर्ज किया गया। वैश्विक स्तर पर फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉश द्वारा आने वाले समय में ब्याज दरें बढ़ाने के स्पष्ट संकेत दिए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय हाजिर सोना 1 फीसदी से अधिक टूट गया। इस बयान से डॉलर इंडेक्स उछलकर 99 के पार पहुंच गया और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी आई। हालांकि, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया मजबूत होकर 95 के स्तर के करीब स्थिर रहा, जिसने भारतीय बाजारों में आयात लागत के दबाव को काफी हद तक नियंत्रित करने में मदद की।












