रूपनगर: यहां के सरकारी कॉलेज के मैदान में उस समय श्रद्धालुओं का भारी जनसमूह उमड़ पड़ा, जब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ की विशाल भजन संध्या में शामिल हुए. इस दौरान पूरे पंडाल में “हर-हर महादेव” के जयकारे गूंज उठे. मुख्यमंत्री ने भी श्रद्धालुओं के साथ मिलकर जयकारे लगाए, जबकि प्रसिद्ध गायक हंसराज रघुवंशी ने भक्ति गीतों के माध्यम से संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया.
भाईचारे और सद्भावना पर दिया जोर
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की आपसी भाईचारे और सद्भावना की परंपरा उसकी सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी धर्मों के लोग हर त्योहार मिलकर मनाते हैं और इस राज्य में नफरत का कोई भी बीज कभी नहीं उग सकता. उन्होंने यह भी घोषणा की कि 40 लाख नई पंजीकृत महिलाओं को एक अगस्त से वित्तीय सहायता मिलेगी. उन्होंने दोहराया कि सरकार जनपक्षीय पहलों के माध्यम से जनता का पैसा जनता को ही वापस लौटा रही है.
कार्यक्रम में शामिल होना गौरव की बात: मुख्यमंत्री
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “धार्मिक उत्साह, खुशी और भक्ति से परिपूर्ण इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लेना मेरे लिए अत्यंत गौरव और संतोष की बात है. राज्य सरकार ने इस विशाल कार्यक्रम के लिए इस पवित्र धरती का जानबूझकर चयन किया है, क्योंकि यह समृद्ध विरासत, संस्कृति और आध्यात्मिकता की भूमि है. यहां इस पावन दिवस को मनाना हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक जड़ों के प्रति हमारे गहरे सम्मान को दर्शाता है.”
शांति और धार्मिक सद्भाव बनाए रखने का संकल्प
अपनी सरकार की सामाजिक सद्भावना के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “हमारी सरकार राज्य में शांति, धार्मिक सद्भावना और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए वचनबद्ध है. हम महान गुरुओं, संतों, महात्माओं और पैगंबरों द्वारा दिखाए गए सत्य के मार्ग पर चल रहे हैं. हमारा ध्यान पंजाब के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल के माध्यम से सशक्त बनाने पर है, ताकि वे उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें. पंजाब की उपजाऊ धरती पर सब कुछ उग सकता है, लेकिन नफरत के बीज इस पवित्र धरती पर कभी नहीं उग सकते.”
भगवान शिव के संदेश और पंजाब की विरासत का किया उल्लेख
पंजाब की आपसी भाईचारे की महान विरासत के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे महान गुरुओं ने हमें धार्मिक सद्भावना, शांति और भाईचारे का मार्ग दिखाया है और पंजाबी सभी त्योहार मिलकर मनाते हैं. भगवान शिव दया और करुणा के देवता हैं, जो श्रद्धालुओं को काम, क्रोध और लोभ जैसी बुराइयों से बचाते हैं. भोले बाबा अपने भक्तों पर कृपा, बुद्धि और वरदान की वर्षा करते हैं. ऐसे कार्यक्रमों को पारंपरिक उत्साह और खुशी के साथ मनाया जाना चाहिए, क्योंकि ये आपसी भाईचारे, दया और सद्भावना को बढ़ावा देने के साथ-साथ खुशहाली भी लाते हैं.”
सभी धर्मों को समान सम्मान देने का दावा
सरकार द्वारा सभी धर्मों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि राज्य सरकार ने हर धर्म को समान सम्मान दिया है. एक धर्मनिरपेक्ष सरकार के रूप में हमने ऐसे कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर मनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए हैं. हमने ‘हिंद की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित श्रृंखलाबद्ध कार्यक्रम आयोजित किए और श्री गुरु रविदास जी के आगामी 650वें प्रकाश पर्व को भी भव्य स्तर पर मनाने के लिए विशेष तैयारियां कर रहे हैं.”
‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ का किया विस्तार
‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार अपने आपको सौभाग्यशाली मानती है कि उसे ऐसे विशाल कार्यक्रमों का आयोजन करने का अवसर मिला है और इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही. हमने श्रद्धालुओं को श्री हरिमंदिर साहिब, दुर्गियाना मंदिर, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल, श्री आनंदपुर साहिब, नैना देवी जी तथा अन्य पवित्र स्थलों की निःशुल्क यात्रा कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ शुरू की थी. अब इस योजना का विस्तार करते हुए हरिद्वार, खाटू श्याम जी महाराज, सालासर बालाजी तथा अन्य पवित्र स्थलों की निःशुल्क यात्रा को भी इसमें शामिल किया गया है.”
सामाजिक एकता बनाए रखने की अपील
आपसी एकता की अपील करते हुए उन्होंने आगे कहा, “यह योजना सभी जातियों, धर्मों, आय वर्गों और क्षेत्रों के लोगों के लिए खुली है और श्रद्धालुओं को एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ता. मैं पंजाब के लोगों से अपील करता हूं कि वे जाति, रंग, नस्ल और धर्म के संकीर्ण भेदभाव से ऊपर उठकर ऐसे शुभ अवसरों को मिलकर मनाएं.”
‘रंगला पंजाब’ और नशा मुक्त राज्य का आह्वान
एकजुट और प्रगतिशील पंजाब का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “विभाजनकारी और सांप्रदायिक एजेंडों को नकारना बहुत जरूरी है, ताकि हम ‘रंगला पंजाब’ का निर्माण कर सकें और राज्य की प्रगति को तेज कर सकें. आइए, आज हम सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने, पिछड़े वर्गों का सहारा बनने तथा खुशहाल और नशा मुक्त पंजाब के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लें.”
हंसराज रघुवंशी के भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल
राज्य स्तरीय इस कार्यक्रम में अभूतपूर्व जनसमूह देखने को मिला, जिसमें पंजाब सरकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए समाज के हर वर्ग के लोग एकत्रित हुए. संगत भगवान शिव और भगवान परशुराम जी की महिमा में लीन हो गई, जबकि प्रसिद्ध गायक हंसराज रघुवंशी ने भक्ति और धार्मिक उत्साह से भरपूर भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.












