नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने गुरुवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से उनके जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट स्थित कार्यालय में मुलाकात की। लगभग डेढ़ घंटे तक चली इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। चूंकि राज्य में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में इस बात को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या सीजेपी आगामी चुनावों में समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरेगी या फिर बाहर से समर्थन देकर एसपी के पक्ष में माहौल बनाएगी।
छात्र, शिक्षा और युवाओं के मुद्दों पर मंथन
सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी के अनुसार, इस लंबी वार्ता के दौरान युवाओं की बेरोजगारी, प्राथमिक शिक्षा की बदहाली और प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं जैसे अहम विषयों पर गंभीर चर्चा हुई होगी।
जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन को कांग्रेस और सपा ने समर्थन दिया। विरोध के दौरान अखिलेश यादव और डिंपल यादव को पुलिस ने हिरासत में लिया, जिसके विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम किया।
यूपी की राजनीति में नए समीकरण के कयास
इस सियासी सुगबुगाहट के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओपी राजभर ने इस मुलाकात पर तंज कसते हुए कहा कि अब समाजवादी पार्टी के पास तिलचट्टों का ही आखिरी सहारा बचा है। हालांकि दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी और कॉकरोच जनता पार्टी दोनों ने ही इसे एक सामान्य और शिष्टाचार मुलाकात करार दिया है।
सपा के प्रवक्ता फखरुल हसन के मुताबिक, आशुतोष रांका मुख्य रूप से जंतर-मंतर पर हुए युवा आंदोलनों और छात्रों के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने तथा संसद तक उनकी आवाज बुलंद करने के लिए अखिलेश यादव का धन्यवाद व्यक्त करने आए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीजेपी के किसी भी राजनीतिक निर्णय पर सपा फिलहाल टिप्पणी नहीं करना चाहती।
भविष्य की रणनीतियों पर चुप्पी कायम
बैठक खत्म होने के तुरंत बाद आशुतोष रांका बिना मीडिया से बात किए वहां से रवाना हो गए। सपा ने भी इस बातचीत के अंतिम नतीजों पर कोई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की है। सूत्रों का कहना है कि पिछले महीने राजस्थान में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान रांका पर हुए कथित हमले का मुद्दा अखिलेश यादव ने सार्वजनिक मंचों से उठाया था। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच ‘जेन जी’ और ‘जेन अल्फा’ की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए छात्र हितों के लिए भविष्य में साझा रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी है।












