नई दिल्ली: नेपाल में आई भीषण बाढ़ का दर्दनाक असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। नारायणी नदी में बाढ़ के पानी के साथ शव बहकर उत्तर प्रदेश के महराजगंज तक पहुंच रहे हैं। नदी में बहते मलबे, लकड़ियों और घरेलू सामान के बीच मिल रहे शवों की तस्वीरें बाढ़ की तबाही का खौफनाक मंजर दिखा रही हैं।
महराजगंज में चार शव मिले, तीन महिलाएं शामिल
महराजगंज में नारायणी नदी में सिर्फ पानी नहीं, बल्कि तबाही के निशान बहकर आ रहे हैं। बाढ़ के साथ लकड़ियां, घरेलू सामान, सिलेंडर जैसी चीजें भारत की तरफ आ रही हैं। इसी दौरान राहत-बचाव में लगे जवानों को नदी में कुछ संदिग्ध नजर आया।
पास जाकर देखा तो वहां शव पड़े थे। अब तक चार शव बरामद हुए हैं, जिनमें तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। कुछ रिपोर्ट में तीन बच्चों के शव मिलने की भी बात सामने आई थी, लेकिन प्रशासन ने महिलाओं और पुरुष की पुष्टि की है।
नेपाल को दी गई पूरी जानकारी, पहचान की कोशिश जारी
महराजगंज प्रशासन ने शव मिलने की सूचना तुरंत नेपाल को भेज दी है। पहचान से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए गए हैं ताकि मृतकों की शिनाख्त हो सके। अब आगे की कार्रवाई को लेकर नेपाल प्रशासन के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
नदी पर तैनात बचाव दल लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही कोई संदिग्ध वस्तु दिखती है, जवान मौके पर पहुंचकर जांच करते हैं और मानव शव मिलने पर उसे बाहर निकालकर मोर्चरी भेजा जाता है।
जान जोखिम में डालकर सामान निकाल रहे लोग
बाढ़ के साथ बहकर आए सामान को निकालने के लिए कुछ लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। लकड़ी और दूसरी कीमती चीजें लूटने के चक्कर में कई लोग नदी के तेज बहाव के करीब पहुंच जा रहे हैं। बचाव दल बार-बार लोगों को नदी से दूर रहने की चेतावनी दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद लोग नहीं मान रहे हैं।
नेपाल में अब तक 158 शव बरामद
उधर नेपाल के नवलपरासी पूर्व जिले में शुक्रवार शाम तक नारायणी नदी के अलग-अलग हिस्सों से 158 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें 109 पूरे शरीर के शव हैं, जबकि 49 मामलों में शरीर के अलग-अलग हिस्से मिले हैं।
बरामद शवों में 31 महिलाएं, 51 पुरुष, 8 बालक और 11 बालिकाएं शामिल हैं। सभी शवों को अस्पतालों और सुरक्षित जगहों पर रखा गया है और पहचान की कोशिश जारी है। नारायणी नदी का पानी उस तबाही के निशान भारत तक ला रहा है।












