नई दिल्ली: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व हर साल की तरह इस बार भी देशभर में पूरे विधि-विधान और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस खास अवसर पर भगवान विष्णु के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की भव्य झांकी सजाई जाती है और उनका आकर्षक श्रृंगार किया जाता है। जन्माष्टमी के दिन कान्हा को भक्तिभाव से झूला झुलाने की एक विशेष परंपरा रही है। हालांकि बाजार में कई तरह के महंगे और सजावटी झूले उपलब्ध रहते हैं, लेकिन अपने हाथों से तैयार किए गए झूले में लड्डू गोपाल को विराजमान कराने का आनंद ही कुछ अलग होता है। यदि आप भी इस बार अपने घर पर आसानी से उपलब्ध सामानों की मदद से लड्डू गोपाल के लिए एक खूबसूरत झूला तैयार करना चाहते हैं, तो यह तरीका आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।
झूला बनाने के लिए आवश्यक सामग्रियां
घर पर एक मजबूत और आकर्षक झूला बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा पैसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं है। ये सभी सामग्रियां आसानी से घर में या आसपास की दुकानों पर उपलब्ध हो जाती हैं।
इसके लिए दो गमले, रेत, पीवीसी पाइप की तीन डंडियां, एक मिट्टी का सकोरा, स्क्रूड्राइवर, मजबूत रस्सी, गोटा, सजावटी लेस, मोतियों की लड़ियां, रंगीन या मखमली कपड़ा, छोटे कृत्रिम फूल और फेविकोल या ग्लू जैसी बेसिक चीजों की जरूरत होती है।
ऐसे तैयार करें झूले का मजबूत ढांचा
झूला बनाने की प्रक्रिया की शुरुआत इसके मुख्य ढांचे से होती है। सबसे पहले दो मजबूत गमले लेकर उन्हें रेत से पूरी तरह भर दें ताकि वे अपनी जगह पर मजबूती से टिके रहें और झूले का फ्रेम बिल्कुल न हिले। अब पीवीसी पाइप की तीनों डंडियों को गोटा या चमकदार लेस से पूरी तरह लपेट दें जिससे उनका लुक खूबसूरत हो जाए।
इसके बाद दोनों गमलों में एक-एक पाइप को सीधा खड़ा करके लगाएं और तीसरे पाइप को ऊपर से दोनों के सिरों पर रखकर कसकर बांध दें। सकोरे को तैयार करने के लिए उसे थोड़ी देर पानी में भिगोकर रखें और स्क्रूड्राइवर की मदद से सावधानीपूर्वक उसमें चार छोटे छेद कर लें।
सकोरे को लटकाकर दें झूले का रूप
अब सकोरे के चारों छेदों में मजबूत रस्सी पिरोकर उसे ऊपर बंधे पीवीसी पाइप से सुरक्षित तरीके से लटकाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि सकोरे का संतुलन बिल्कुल सही हो ताकि कान्हा को विराजमान कराने पर झूला झुके नहीं। सकोरे के अंदर मखमली या साटन का कपड़ा बिछाएं और इसके किनारों पर मोती तथा लेस चिपकाकर इसे आकर्षक बनाएं। पीवीसी पाइप और गमलों को भी फूलों की लड़ियों व गोटे से सजाया जा सकता है। सकोरे के आगे एक मोतियों पिरोई हुई डोरी बांध दें, जिसकी सहायता से आप लड्डू गोपाल को आसानी से झूला झुला सकेंगे।
अंतिम रूप से सजाएं लड्डू गोपाल का झूला
झूला बनकर तैयार हो जाने के बाद उसकी सजावट पर थोड़ा और ध्यान देकर उसे दिव्य रूप दिया जा सकता है। झूले के गद्दे पर फूलों की पंखुड़ियां बिखेरें और आसपास छोटे-छोटे दीये जलाएं। झूले के मुख्य फ्रेम को रंग-बिरंगी फेयरी लाइट्स, मोरपंख और मोतियों से सजाएं। झूले के ठीक सामने फर्श पर सुंदर रंगोली बनाने से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। अंत में अपने नटखट कान्हा को नए वस्त्र, मुकुट और बांसुरी से सजाकर झूले में विराजमान कराएं और भक्ति भाव से जन्माष्टमी का पर्व मनाएं।











