नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत से फिर पानी का मुद्दा उठाया है. शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा कि पानी पूरे क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी है और इसका इस्तेमाल किसी देश पर दबाव बनाने या राजनीतिक लाभ लेने के लिए नहीं किया जाना चाहिए. खास बात यह रही कि जब शरीफ यह बात रख रहे थे, तब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी वहां मौजूद थे.
पानी को लेकर भारत से अपील
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित SCO सम्मेलन में शरीफ ने साझा जल संसाधनों को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि नदियों का पानी करोड़ों लोगों की जिंदगी, खेती और आने वाली पीढ़ियों से जुड़ा हुआ है. इसलिए जल संसाधनों से संबंधित समझौतों का सम्मान किया जाना चाहिए.
शरीफ का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित करने के अपने फैसले पर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता से जुड़े आदेश को स्वीकार करने से इनकार किया है. भारत का तर्क है कि जिस संस्था ने यह आदेश दिया, उसे भारत के संप्रभु फैसले पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है.
पहलगाम हमले के बाद भारत का बड़ा फैसला
भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था. इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी. इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कूटनीतिक कदम उठाए थे.
पाकिस्तान ने इस मामले को लेकर हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता अदालत का दरवाजा खटखटाया था. हालांकि, भारत ने इस प्रक्रिया और इसके अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाए हैं.
आतंकवाद पर भी बोले शरीफ
SCO मंच से शरीफ ने आतंकवाद को क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा बताया. उन्होंने कहा कि दक्षिण और मध्य एशिया में स्थायी शांति के बिना क्षेत्र अपनी पूरी क्षमता हासिल नहीं कर सकता.
सम्मेलन के दौरान शरीफ की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत भी हुई. उन्हें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयप एर्दोआन के साथ भी देखा गया. पाकिस्तान अब SCO की आगामी अध्यक्षता संभालने की तैयारी कर रहा है.












