नई दिल्ली: अमेरिकी रक्षा विभाग और सेना के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। करीब 18 महीने तक सेना की कमान संभालने के बाद आए इस फैसले की पुष्टि सोमवार को व्हाइट हाउस ने की। रक्षा सचिव (डिफेंस सेक्रेटरी) पीट हेगसेथ के साथ लंबे समय से चल रहे वैचारिक और नीतिगत मतभेदों को इस बड़े इस्तीफे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद लिया फैसला
एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के अनुसार, ड्रिस्कॉल ने इस्तीफा सौंपने से ठीक पहले अमेरिकी सेना की वर्तमान स्थिति और सुरक्षा रणनीति को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से विस्तृत चर्चा की थी।
यद्यपि व्हाइट हाउस ने आधिकारिक तौर पर इस्तीफे के पीछे की ठोस वजहों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन प्रवक्ता एना केली ने उनके कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ड्रिस्कॉल ने अमेरिकी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने और रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त कराने की बातचीत में अग्रणी भूमिका निभाई।
अमेरिकी सैन्य नेतृत्व में लगातार तीसरा बड़ा झटका
ट्रंप प्रशासन के इस कार्यकाल में सेना के शीर्ष नेतृत्व से यह तीसरा बड़ा निकास है। इससे पहले डिफेंस सेक्रेटरी हेगसेथ ने अप्रैल में सेना के शीर्ष जनरल रैंडी जॉर्ज को पदमुक्त कर दिया था।
इसके तुरंत बाद जून में यूरोप और अफ्रीका क्षेत्र के कमांडर जनरल क्रिस्टोफर डोनाह्यू ने भी अचानक अपना पद छोड़ दिया था। ड्रिस्कॉल को रैंडी जॉर्ज का बेहद करीबी सहयोगी माना जाता था और उन्होंने जॉर्ज को हटाए जाने पर खुले तौर पर निराशा व्यक्त की थी।
ड्रोन नीति और सैन्य सुधारों पर बढ़ता विवाद
इस्तीफे के पीछे का एक बड़ा कारण रक्षा प्राथमिकताओं में आया बदलाव भी है। ड्रिस्कॉल के कार्यकाल के दौरान यूरोप में तैनात अमेरिकी सैन्य टुकड़ियों को आधुनिक ड्रोन तकनीक विकसित करने की विशेष जिम्मेदारी दी गई थी। ड्रिस्कॉल खुद टेक-इन्वेस्टमेंट और आधुनिक रक्षा तकनीक के प्रबल समर्थक रहे हैं। हालांकि, हाल ही में रक्षा मंत्रालय ने इस ड्रोन आधुनिकीकरण कार्यक्रम को अचानक रोक दिया और संबंधित इकाइयों को पुनः पारंपरिक पैदल सेना (इन्फैंट्री) में तब्दील होने का निर्देश जारी किया। नीतिगत स्तर पर आया यह बदलाव ड्रिस्कॉल की सोच से बिल्कुल विपरीत था।
डैन ड्रिस्कॉल इराक युद्ध में शामिल रहे पूर्व सैनिक, एक सफल टेक निवेशक और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पुराने सहयोगी हैं। वेंस और ड्रिस्कॉल की सहभागिता येल लॉ स्कूल के दिनों से रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने 2024 में जब उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए नामित किया था, तब उन्हें एक दूरदर्शी और संस्थागत बदलाव लाने वाला नेतृत्वकर्ता बताया था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सेना में तकनीकी ठेकेदारों के कड़े नियमों को आसान बनाने और रूस-यूक्रेन के बीच कूटनीतिक रास्ते तलाशने में अहम योगदान दिया। उनके जाने से पेंटागन और सेना के बीच सत्ता और नीतियों का संतुलन एक बार फिर अनिश्चित मोड़ पर खड़ा हो गया है।












