नई दिल्ली: अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने खाड़ी देशों के शासकों को बड़ा संदेश दिया है। रविवार को पैगंबर मुहम्मद के जन्मदिन के मौके पर उन्होंने अपने टेलीग्राम अकाउंट पर लिखित संदेश जारी कर कहा कि असली दुश्मन को पहचानो और एकजुट होकर एक-दूसरे की रक्षा करो।
मुसलमानों के बीच एकता पर जोर
रॉयटर्स के अनुसार, इस संदेश में खामेनेई ने दुनिया भर के मुसलमानों के बीच एकता, शत्रुओं के खिलाफ आपसी सहयोग और एक-दूसरे की रक्षा करने पर जोर दिया है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और क्षेत्रीय समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
6 महीने से सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे खामेनेई
बता दें कि मोजतबा खामेनेई पिछले करीब छह महीने से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों में घायल होने के बाद से उन्हें सार्वजनिक मंच पर नहीं देखा गया।
इन्हीं हमलों के बाद युद्ध शुरू हुआ था और उनके पिता, पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। तब से उनके स्वास्थ्य और ठिकाने को लेकर लगातार अटकलें लग रही थीं।
इस महीने की शुरुआत में जारी एक वीडियो में उन्हें धर्मगुरुओं के साथ धार्मिक और अकादमिक चर्चा में भाग लेते हुए दिखाया गया था। ईरानी समाचार एजेंसी आईएसएनए के मुताबिक, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा था कि खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ हैं।
आर्थिक चुनौतियों पर सरकार को निर्देश
यह संदेश ऐसे समय में आया है जब ईरान युद्ध के आर्थिक असर और अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों से जूझ रहा है। शनिवार को खामेनेई के नाम से जारी एक अन्य लिखित बयान में सरकार से मुद्रास्फीति, बेरोजगारी, बढ़ती कीमतों और बाजार प्रबंधन जैसी आर्थिक और आजीविका से जुड़ी चुनौतियों का गंभीरता से समाधान करने को कहा गया है।
कूटनीति और रक्षा दोनों रास्ते अपनाएगा ईरान
ईरानी नेतृत्व ने साफ किया है कि तेहरान कूटनीति और रक्षा दोनों रास्ते अपनाएगा। शनिवार के एक सरकारी बयान में कूटनीति और रक्षा को राष्ट्रीय हितों, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए दो पूरक, समन्वित और अविभाज्य अंग बताया गया।
इस बीच कूटनीतिक हलचल भी तेज है। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी गुरुवार को तेहरान में ईरानी नेताओं से मिले। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने इस मुलाकात को रचनात्मक बताया है।












