फिलिस्तीनी कैदियों को भागने से रोकने के लिए मगरमच्छों का घेरा? Israel का हैरान करने वाला प्लान

0
12
Israel Palestine clash
AI Generated

नई दिल्ली: जेल से भागने का ख्याल भी कैदियों के मन में न आए, इसके लिए इजरायल में एक ऐसा सुरक्षा प्लान तैयार किया गया, जिसने लोगों को हैरान कर दिया. योजना के तहत फिलिस्तीनी कैदियों वाली जेल के चारों तरफ खाई बनाकर उसमें नील नदी के मगरमच्छ छोड़ने की तैयारी की गई थी. करोड़ों रुपये के इस प्रोजेक्ट पर काम भी शुरू हो चुका था, लेकिन कोर्ट के एक आदेश के बाद इस योजना पर फिलहाल रोक लग गई.

इस योजना का विचार पिछले साल दिसंबर में इजरायल के दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर ने रखा था. उन्होंने अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित एक डिटेंशन सेंटर के सुरक्षा मॉडल का जिक्र करते हुए कहा था कि फिलिस्तीनी कैदियों वाली जेल को मगरमच्छों से घेरने जैसी व्यवस्था की जा सकती है. इसके बाद सरकार ने मगरमच्छों के इस्तेमाल का रास्ता आसान करने के लिए नियमों में बदलाव किया. पर्यावरण संरक्षण मंत्री इदित सिलमैन ने मगरमच्छों की श्रेणी में बदलाव करते हुए उन्हें जंगली जानवरों की जगह कैद में पाले गए वन्यजीवों की श्रेणी में शामिल कर दिया. इससे उन्हें सुरक्षा व्यवस्था के तहत इस्तेमाल करने की संभावना बनी.

7 मिलियन डॉलर की योजना पर शुरू हुआ काम

योजना के तहत दक्षिणी इजरायल में स्थित केत्जियोट जेल के आसपास खाई खोदने का काम शुरू किया गया. रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना पर करीब 7 मिलियन डॉलर खर्च करने की योजना थी. लगभग 170 मीटर लंबी खाई तैयार की जा रही थी, जिसमें नील मगरमच्छ छोड़े जाने थे. इस सुरक्षा व्यवस्था का मकसद कथित तौर पर जेल से किसी भी संभावित फरारी की कोशिश को रोकना था. मगरमच्छों से भरी खाई जेल की सुरक्षा का एक अतिरिक्त घेरा बनती.

कोर्ट के आदेश ने लगा दी अस्थायी रोक

हालांकि, अगस्त की शुरुआत में यरूशलम जिला अदालत ने मगरमच्छों को केत्जियोट जेल भेजने पर अस्थायी रोक लगा दी. यह मामला पशु कल्याण संगठन ‘लेट द एनिमल्स लिव’ की याचिका के बाद अदालत पहुंचा था. संगठन ने मगरमच्छों को दोबारा संरक्षित प्रजाति की श्रेणी में रखने की मांग की. याचिका में आरोप लगाया गया कि पर्यावरण मंत्री ने कानूनी सलाहकारों और प्रकृति एवं पार्क प्राधिकरण की विशेषज्ञ राय को नजरअंदाज किया. फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद मगरमच्छों को जेल तक पहुंचाने की योजना रुक गई है. अब आगे इस परियोजना का भविष्य अदालत और सरकार के अगले फैसले पर निर्भर करेगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here