नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर लद्दाख के मिनीमार्ग चेक पोस्ट का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में एक महिला टूरिस्ट रास्ता बंद होने को लेकर सुरक्षाबलों से बहस करती नजर आ रही है. इस दौरान महिला खुद को Gen Z बताते हुए कहती है कि वह इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं करेगी. उसका दावा है कि वह और उसके साथ मौजूद लोग करीब पांच घंटे से रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे थे.
क्या है पूरा मामला चलिए जानते है
वीडियो में महिला रास्ता बंद किए जाने की वजह पूछती है और अधिकारियों से जवाब मांगती दिखाई देती है. एक अन्य क्लिप में सुरक्षाबल और प्रशासन के अधिकारी उसे शांत कराने और वहां से हटने के लिए समझाते नजर आते हैं. हालांकि, इस वीडियो को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि घटना हाल की नहीं, बल्कि जुलाई की है और इसे अब दोबारा सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है
उमर अब्दुल्ला ने भी दी प्रतिक्रिया
बता दें, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने महिला के ‘हम Gen Z हैं’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अब यह कहना कुछ हद तक ‘जानते नहीं हो मेरा बाप कौन है’ जैसे रवैये का नया रूप बनता जा रहा है. उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि छोटी-सी बात पर Gen Z होने को धमकी की तरह इस्तेमाल करने से इस पीढ़ी की बनी हुई अच्छी छवि प्रभावित हो सकती है. उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं.
संवेदनशील इलाकों में क्यों बंद होते हैं रास्ते?
लद्दाख और कारगिल जैसे सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा को देखते हुए कई बार रास्तों पर आवाजाही रोकनी या सीमित करनी पड़ती है. सैन्य काफिले की आवाजाही, सुरक्षा अभियान, मौसम, भूस्खलन या किसी संभावित खतरे के चलते ऐसा किया जा सकता है
ऐसे इलाकों में आम लोगों और पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है. इसलिए सड़क बंद होने की स्थिति में सुरक्षाबलों के निर्देशों का पालन करना जरूरी होता है. वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि पर्यटन स्थलों पर लोगों की सुविधाओं और सुरक्षा जरूरतों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए.












