MBBS-BDS एडमिशन शेड्यूल में बदलाव, 21 अगस्त को जारी होगा NEET राउंड-1 सीट अलॉटमेंट रिजल्ट

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नई दिल्ली: देशभर के मेडिकल और डेंटल संस्थानों में ऑल इंडिया कोटा सीटों के जरिए प्रवेश का सपना देख रहे अभ्यर्थियों का इंतजार थोड़ा बढ़ गया है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने नीट यूजी काउंसलिंग प्रक्रिया के पहले चरण के परिणाम की तिथि में संशोधन कर दिया है। जिन अभ्यर्थियों ने देश के शीर्ष सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए अपने पसंदीदा विकल्प भरे हैं, वे अब 21 अगस्त को जारी होने वाले पहले दौर के सीट आवंटन परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह बदलाव एमसीसी द्वारा अभ्यर्थियों को चॉइस फिलिंग और चॉइस लॉकिंग के लिए दिए गए अतिरिक्त समय के कारण लिया गया है। आवंटन पत्र डाउनलोड करने के लिए अभ्यर्थियों को एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर यूजी मेडिकल काउंसलिंग सेक्शन का चयन करना होगा।

पहले राउंड के रिजल्ट की नई तारीख का ऐलान

छात्रों को अपने मनपसंद कॉलेज और कोर्स चुनने के लिए अधिक अवसर देने की खातिर चॉइस फिलिंग की समय सीमा 20 अगस्त तक बढ़ा दी गई थी। चॉइस लॉकिंग प्रक्रिया पूरी होते ही काउंसलिंग कमेटी ने डेटा प्रोसेसिंग का काम शुरू कर दिया है। 

21 अगस्त को आधिकारिक पोर्टल पर राउंड-1 का परिणाम सार्वजनिक कर दिया जाएगा। इस घोषणा से उन हजारों अभ्यर्थियों को स्पष्टता मिलेगी जो देश की प्रतिष्ठित सीटों पर अपने भविष्य का खाका खींच रहे हैं।

जानिए कब आएगा अलॉटमेंट

सीट आवंटन परिणाम घोषित होने के साथ ही प्रवेश प्रक्रिया के अगले महत्वपूर्ण पड़ाव की शुरुआत हो जाएगी। जिन अभ्यर्थियों को पहले चरण में सीट आवंटित की जाएगी, उन्हें 22 अगस्त से 29 अगस्त के बीच संबंधित शिक्षण संस्थान में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा। 
इस दौरान अपने सभी मूल शैक्षणिक दस्तावेजों को जमा करना और निर्धारित प्रवेश शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य होगा। कॉलेजों द्वारा अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का अंतिम सत्यापन 30 और 31 अगस्त के बीच संपन्न किया जाएगा, जिसके साथ ही पहले चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह संपन्न मानी जाएगी।

परिणाम जांचने का तरीका

आवंटन पत्र डाउनलोड करने के लिए अभ्यर्थियों को एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर यूजी मेडिकल काउंसलिंग सेक्शन का चयन करना होगा। वहां अपनी पंजीकरण जानकारी और पासवर्ड दर्ज करके सीट अलॉटमेंट लेटर प्राप्त किया जा सकता है। जिन छात्रों को अपनी पसंद की सीट मिल जाती है, उन्हें तो प्रवेश लेना ही होगा, लेकिन यदि कोई छात्र आवंटित कॉलेज से संतुष्ट नहीं है और दूसरे राउंड में बेहतर विकल्प की उम्मीद रखता है, तो उसे भी पहले राउंड वाले कॉलेज में रिपोर्टिंग के समय ही अपग्रेडेशन का विकल्प चुनना होगा। नियमानुसार ऐसा न करने वाले अभ्यर्थी प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं।

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