बशर अल-असद को मौत की सजा, सीरियाई कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

0
9
Bashar al-Assad
Bashar al-Assad

नई दिल्ली: दमिश्क की एक आपराधिक अदालत ने सीरिया पर दो दशकों से अधिक समय तक तानाशाही शासन चलाने वाले पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें देश में चले लंबे गृहयुद्ध के दौरान मानवता के खिलाफ किए गए अपराधों और भयानक युद्ध अपराधों का मुख्य दोषी माना है। दिसंबर 2024 में असद शासन के पतन और अहमद अल-शरा की अगुवाई में नई अंतरिम सरकार के गठन के बाद से, सीरियाई न्यायिक व्यवस्था द्वारा असद के खिलाफ सुनाया गया यह पहला सबसे बड़ा और ऐतिहासिक फैसला है। उल्लेखनीय है कि जब विद्रोही बल दमिश्क के करीब पहुंचे थे, तब असद अपने परिवार के साथ मॉस्को भाग गए थे।

रिश्तेदार आतिफ नजीब को भी सजा-ए-मौत

अदालत ने सिर्फ असद ही नहीं, बल्कि उनके चचेरे भाई और दरआ प्रांत में पॉलिटिकल सिक्योरिटी डायरेक्टरेट के पूर्व प्रमुख आतिफ नजीब को भी मौत की सजा सुनाई है। 

नजीब पर जानबूझकर की गई हत्याओं और हिरासत में यातनाएं देने के संगीन आरोप साबित हुए हैं। जहां नजीब की मौजूदगी में मुकदमा चला और फैसला आया।

पिता से विरासत में मिली सत्ता

बशर अल-असद ने साल 2000 में अपने पिता हाफिज अल-असद के निधन के बाद सत्ता संभाली थी। उनके पिता ने भी लगभग तीन दशकों तक सीरिया पर एकछत्र राज किया था। हालांकि, 2011 में जब दरआ शहर से असद सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, तो सुरक्षा बलों ने उनका बेहद हिंसक दमन किया। यही दमन आगे चलकर एक भयानक गृहयुद्ध में बदल गया, जिसने पूरे देश को तबाह कर दिया, लाखों लोगों की जान ली और करोड़ों नागरिकों को बेघर होने पर मजबूर कर दिया।

रासायनिक हमलों और गुप्त प्रताड़ना गृहों का काला सच

अंतरराष्ट्रीय निकायों और संयुक्त राष्ट्र की जांच रिपोर्टों के अनुसार, असद सरकार पर नागरिकों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने, अवैध हत्याएं, गुप्त हिरासत और गायब कर देने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। रासायनिक हथियार निषेध संगठन (OPCW) ने पाया था कि 2013 में पूर्वी गुटा में हुए घातक सरीन गैस हमले के पीछे असद की सेना का ही हाथ था। इसके अलावा, सीरियाई सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे प्रताड़ना केंद्रों में हजारों कैदियों को बर्बर यातनाएं देकर मार डाला गया। यूरोपीय अदालतों में भी पूर्व सुरक्षा अधिकारियों पर मामले चलाए जा चुके हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here