सिंधु जल संधि पर भारत का बड़ा बयान, भारतीय राजदूत ने पाकिस्तान से कहा, आतंक और पानी साथ नहीं चल सकते

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India Envoy Vinay Mohan Kwatra Slams Pakistan
India Envoy Vinay Mohan Kwatra Slams Pakistan

नई दिल्ली: अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान पर कड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि यह संधि दोनों देशों के बीच सद्भावना और मित्रता की भावना से की गई थी, लेकिन पाकिस्तान ने दशकों तक आतंकवाद और शत्रुतापूर्ण रवैये के जरिए इस भावना को खत्म कर दिया. 

उनका कहना है कि भारत द्वारा संधि को स्थगित करने का फैसला कोई नया कदम नहीं, बल्कि लंबे समय से बिगड़े हालात को औपचारिक रूप से स्वीकार करना है.

संधि की मूल भावना को पाकिस्तान ने पहुंचाया नुकसान

विनय मोहन क्वात्रा ने अपने लेख में कहा कि सिंधु जल संधि की प्रस्तावना में स्पष्ट रूप से सद्भावना और मित्रता की बात कही गई है, लेकिन पिछले कई दशकों में पाकिस्तान के व्यवहार ने इस उद्देश्य को कमजोर कर दिया. उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा संधि का पालन किया, जबकि पाकिस्तान ने बार-बार ऐसे कदम उठाए, जिनसे दोनों देशों के संबंध और अधिक खराब हुए.

भारत ने निभाई जिम्मेदारी, पाकिस्तान ने किया विरोध

1960 में हुई सिंधु जल संधि के तहत भारत और पाकिस्तान के बीच छह नदियों के जल का बंटवारा तय किया गया था. क्वात्रा ने कहा कि यह व्यवस्था भारत के लिए पूरी तरह संतुलित नहीं थी, फिर भी भारत ने संधि का ईमानदारी से पालन किया. इसके विपरीत पाकिस्तान ने भारत की जल परियोजनाओं में लगातार आपत्तियां उठाईं और तकनीकी बदलावों के अनुरूप संधि में संशोधन के प्रयासों का भी विरोध किया.

आतंकवाद का लंबा इतिहास गिनाया

भारतीय राजदूत ने कहा कि पाकिस्तान ने वर्षों तक सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दिया. उन्होंने 1965, 1971 और 1999 के युद्धों के साथ-साथ संसद हमला, मुंबई आतंकी हमला, उरी, पठानकोट, पुलवामा और पहलगाम जैसे आतंकी हमलों का भी उल्लेख किया. उनके अनुसार, ऐसे माहौल में विश्वास और सहयोग की भावना बनाए रखना संभव नहीं था.

आतंक और वार्ता साथ-साथ नहीं चल सकते

क्वात्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का भी उल्लेख किया जिसमें कहा गया है कि “आतंक और वार्ता साथ-साथ नहीं चल सकते, आतंक और व्यापार साथ-साथ नहीं चल सकते, और पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते.” उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान वास्तव में बेहतर संबंध चाहता है, तो उसे सबसे पहले आतंकवाद के ढांचे को समाप्त करना होगा.

जल संकट पर भी पाकिस्तान को दी सलाह

भारतीय राजदूत ने कहा कि पाकिस्तान के मौजूदा जल संकट के लिए भारत नहीं, बल्कि वहां का कमजोर जल प्रबंधन और कुप्रबंधन जिम्मेदार है. उन्होंने सलाह दी कि भारत पर आरोप लगाने के बजाय पाकिस्तान को अपनी जल नीति और संसाधन प्रबंधन सुधारने पर ध्यान देना चाहिए. उनके अनुसार, हर आंतरिक समस्या के लिए भारत को दोषी ठहराने की नीति अब दुनिया के सामने पुरानी पड़ चुकी है.

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