अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा, IRGC बोला- ‘जंग की आशंका कम, लेकिन हमला हुआ तो जवाब विनाशकारी होगा’

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नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है. हाल ही में अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध की आशंकाएं तेज हो गई थीं. हालांकि अब ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की ओर से बड़ा बयान सामने आया है. IRGC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका के साथ दोबारा युद्ध की संभावना फिलहाल कम है, लेकिन ईरान किसी भी संभावित हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है.

ईरानी अधिकारी के इस बयान ने वैश्विक राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है. एक तरफ तनाव कम होने के संकेत दिए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर हमले की स्थिति में कड़े जवाब की खुली चेतावनी भी दी गई है. ईरान ने साफ किया है कि उसकी सैन्य तैयारी पूरी तरह सक्रिय है और किसी भी आक्रामक कदम का जवाब तुरंत दिया जाएगा.

IRGC अधिकारी का बड़ा बयान

ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स नेवी के डिप्टी पॉलिटिकल चीफ मोहम्मद अकबरजादे ने कहा कि अमेरिका के साथ दोबारा युद्ध की संभावना बेहद कम है. उन्होंने कहा, युद्ध की आशंका कम है क्योंकि दुश्मन कमजोर है. और हमारी सेना के बंदूकों में भरी मैगजीन किसी हमले का इंतजार ही कर रही है. अधिकारी ने आगे चेतावनी देते हुए कहा, इसमें कोई शक नहीं है कि हम चाबहार से महशहर तक के इलाके को हमलावरों के लिए कब्रिस्तान बना देंगे.

ईरान ने आर्थिक मोर्चे को बताया असली जंग

इस बीच मसूद पेजेश्कियन ने भी मौजूदा हालात को लेकर बड़ा बयान दिया है. ईरान के राष्ट्रपति ने तेहरान चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों से मुलाकात के दौरान कहा कि अब असली लड़ाई आर्थिक मोर्चे पर लड़ी जा रही है. खबरों के अनुसार, उन्होंने कहा, आज का मेन बैटलग्राउंड इकॉनमिक वॉर है. राष्ट्रपति ने कहा कि देश की आर्थिक मजबूती ही बाहरी दबावों और अंतरराष्ट्रीय खतरों से निपटने की सबसे बड़ी ताकत बनेगी.

प्राइवेट सेक्टर मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा

मसूद पेजेशकियन ने कहा कि ईरान का प्राइवेट सेक्टर जितना अधिक सक्रिय और सक्षम होगा, देश की आर्थिक नींव उतनी ही मजबूत होगी. उन्होंने कहा, हमारा मानना है कि प्राइवेट सेक्टर जितना ज्यादा काबिल, जल्दी रिएक्ट करने वाला और एक्टिव होगा, देश की इकॉनमिक बुनियाद उतनी ही मजबूत होगी और बाहरी दबावों और खतरों का सामना करने में हमारी नेशनल पावर उतनी ही ज्यादा होगी.

अमेरिका और इजरायल पर भी साधा निशाना

ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका और इजराइल पर निशाना साधते हुए कहा कि सैन्य मोर्चे पर अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर पाने के बाद अब दोनों देश ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा, मिलिट्री फ्रंट पर अपने मकसद हासिल करने में फेल होने के बाद, दुश्मन ने देश की इकॉनमिक मजबूती को नुकसान पहुंचाने और लोगों की रोजी-रोटी में रुकावट डालने अमादा है.

मध्य पूर्व में बढ़ी वैश्विक चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर मध्य पूर्व की स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है. क्षेत्रीय तनाव के बीच दुनिया की नजर अब दोनों देशों के अगले कदम पर टिकी हुई है.

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