नई दिल्ली: 12वीं कक्षा के परिणाम की घोषणा होने के बाद से ही विद्यार्थियों के बीच कम नंबर को लेकर शंका बनी हुई है. इसी बीच सीबीएसई ने छात्रों को बड़ी देते राहत देते हुए एक बड़ा ऐलान कर दिया है. बता दें, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार ने एक कम नंबर होने के विषय पर चिंता जताते हुए एक प्रेस वार्ता आयोजित की, जिस दौरान उन्होंने साफ कर दिया है अगर कॉपी री चेक होने के बाद जिस भी छात्र के नंबर बढ़ते है तो उन्हें उनकी पूरी फीस वापस दे दी जाएगी. बता दें, सीबीएसई द्वारा उठाया गया ये कदम छात्रों के हित में माना जा रहा है, ताकि किसी का भी भविष्य कम नंबर होने ही वजह से प्रभावित न हो.
ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम
बता दें, इस बार के रिजल्ट में पिछली बार के मुकाबले तीन प्रतिशत की गिरावट आई है, जो 88 प्रतिशत से घटकर 85 प्रतिशत पर हो गई है. दिल्ली स्कूल के शिक्षा सचिव संजय कुमार ने बताया कि कक्षा 12वीं के पपेरों की चेकिंग ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) द्वारा की गयी थी, जिसके बाद नंबर को लेकर ऐसी चिंताएं सामने आई है. इसके साथ सचिव संजय कुमार यह भी कहा कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग का यह कॉन्सेप्ट नहीं है. इससे 2014 में भी ट्राई किया जा चुका है लेकिन टेक्निकल इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण इससे प्रभावी ढंग से नहीं अपनाया गया. लेकिन इस वर्ष सभी बदलावों और सुधार के बाद इसी सक्सेस्फुल्ली लागू किया गया है.
कॉपी री-चेकिंग की कितनी लगेगी फीस
री-इवैल्यूएशन के नए नियमों और प्रक्रिया के अनुसार, कॉपी को रीचेक करवाने को लेकर फीस की घोषणा भी कर दी गई है. बता दें, उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) और कॉपी के सत्यापन (Validation) के लिए 100 रुपये फीस ली जाएगी, जबकि कोई किसी विशेष प्रश्न की जांच के लिए 25 रुपये की फीस तय की गई है. वहीं इस पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान छात्र के नंबर बढ़ते है तो पूरी फीस वापस लौटा दी जाएगी.
सरकार के इस कदम से बच्चों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों लेकर चिंता जताते हुए कहा कि छात्रों का भविष्य और उनकी चिंताएं हमारे लिए सबसे ऊपर है. यही वजह है कि कॉपी री चेकिंग की प्रक्रिया हमेशा से सीबीएसई में मौजूद रही है.















