देशभर में चार नए लेबर कोड्स लागू, अब पूरे देश में एक जैसे होंगे नियम

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नई दिल्ली: देश में श्रम कानूनों के ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने चार नए लेबर कोड्स को पूरे भारत में लागू करने का ऐलान कर दिया है. सरकार की ओर से इसे लेकर आधिकारिक गजट अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. इसके साथ ही अब तक लागू 29 पुराने श्रम कानून समाप्त हो गए हैं और उनकी जगह एकीकृत व सरल नियम लागू हो चुके हैं.

सरकार का क्या कहना है? 

सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य कर्मचारियों और कंपनियों दोनों के लिए कानूनों को समझना और उनका पालन करना आसान बनाना है. इन नए श्रम कानूनों को लागू करने में करीब पांच साल का समय लगा. इनकी प्रक्रिया नवंबर 2025 में शुरू हुई थी, लेकिन आवश्यक नियमों और दिशा-निर्देशों की कमी के कारण इन्हें पूरी तरह लागू नहीं किया जा सका था. 

अब सभी नियम तय होने के बाद वेतन, नौकरी की शर्तें, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल सुरक्षा से जुड़े प्रावधान पूरे देश में एक समान रूप से लागू कर दिए गए हैं. इससे अब हर राज्य और हर क्षेत्र में श्रमिकों व नियोक्ताओं के लिए एक जैसे नियम होंगे.

नए लेबर कोड्स में कर्मचारियों, खासकर महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं. अब समान कार्य करने वाले पुरुष और महिला कर्मचारियों को बराबर वेतन देना अनिवार्य होगा, जिससे लैंगिक भेदभाव कम होगा. इसके अलावा मातृत्व अवकाश को मजबूत करते हुए महिलाओं को बच्चे के जन्म के बाद 26 सप्ताह की छुट्टी का अधिकार दिया गया है. जरूरत पड़ने पर महिलाओं को घर से काम करने की सुविधा भी मिल सकेगी.

स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 40 वर्ष या उससे अधिक उम्र के कर्मचारियों के लिए हर साल मुफ्त मेडिकल जांच का प्रावधान किया गया है. इससे बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकेगा. साथ ही सरकार ने नेशनल री-स्किलिंग फंड की स्थापना की है, जिसके जरिए नौकरी गंवाने वाले कर्मचारियों को नई तकनीक और कौशल का प्रशिक्षण देकर दोबारा रोजगार पाने में मदद दी जाएगी.

वेतन और पीएफ व्यवस्था पर नए नियमों का असर 

नए नियमों का असर वेतन और पीएफ व्यवस्था पर भी पड़ेगा. इससे कर्मचारियों के हाथ में आने वाली सैलरी और कटौतियों के स्वरूप में बदलाव संभव है. कंपनियों को नई व्यवस्था अपनाने के लिए समय दिया गया है, ताकि वे धीरे-धीरे इन नियमों के अनुरूप खुद को ढाल सकें.

सरकार का मानना है कि पुराने श्रम कानून जटिल और बिखरे हुए थे. नए लेबर कोड्स से व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी, कारोबार आसान बनेगा, निवेश बढ़ेगा और इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.

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