गरीब ही नहीं, अब मिडिल क्लास पर भी फोकस… यूपी में आवास योजनाओं का विस्तार

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अब “हर किसी का अपना घर” सिर्फ सपना नहीं, बल्कि हकीकत बनने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ संकेत दिए हैं कि सरकार अब सिर्फ गरीबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शिक्षकों, वकीलों और पत्रकारों जैसे अन्य वर्गों के लिए भी आवास योजनाएं तैयार की जाएंगी. इस कदम को सामाजिक संतुलन और व्यापक विकास की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में बड़ी मात्रा में सरकारी जमीनों पर पहले अवैध कब्जे थे, जिन्हें अब हटाकर खाली कराया गया है. इन जमीनों का इस्तेमाल अब आम लोगों के हित में किया जाएगा. जिन लोगों के पास खुद की जमीन नहीं है, उनके लिए बहुमंजिला इमारतें बनाई जाएंगी. सरकार की योजना है कि इन फ्लैट्स के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को रहने की सुविधा मिल सके. साथ ही, जहां अभी भी कब्जे हैं, वहां से जमीन खाली कराने के निर्देश दिए गए हैं.

माफिया की संपत्ति का भी होगा उपयोग

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि अगर जरूरत पड़ी तो माफियाओं से जब्त की गई संपत्तियों का इस्तेमाल भी आवास योजनाओं के लिए किया जाएगा. मुख्यमंत्री का कहना है कि जो संसाधन पहले गलत तरीके से कब्जा किए गए थे, अब उन्हें समाज के हित में वापस लाया जाएगा. इसे उन्होंने सामाजिक न्याय की दिशा में एक अहम कदम बताया.

अब हर वर्ग को मिलेगा फायदा

अब तक अधिकतर आवास योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर केंद्रित थीं, लेकिन इस बार सरकार ने दायरा बढ़ाने का फैसला किया है. प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) के तहत हाल ही में 90 हजार लाभार्थियों को 900 करोड़ रुपये की पहली किस्त सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई है. इस प्रक्रिया में डीबीटी का उपयोग किया गया, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो.

62 लाख परिवारों को मिल चुका है लाभ

सरकार के मुताबिक, अब तक प्रदेश में करीब 62 लाख परिवारों को विभिन्न योजनाओं के तहत आवास उपलब्ध कराया जा चुका है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अपना घर होना केवल जरूरत नहीं, बल्कि हर व्यक्ति के सम्मान और सुरक्षा से भी जुड़ा होता है. उन्होंने यह भी बताया कि घर देने के साथ-साथ सरकार बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित कर रही है. इनमें शौचालय, बिजली, पानी के अलावा गैस कनेक्शन, स्वास्थ्य बीमा और पेंशन जैसी योजनाएं भी शामिल हैं.

‘25 करोड़ जनता ही परिवार’ का नजरिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब “25 करोड़ प्रदेशवासी ही हमारा परिवार हैं” की सोच के साथ काम कर रही है. पहले योजनाएं होने के बावजूद उनका लाभ सभी तक नहीं पहुंच पाता था, लेकिन अब बिना भेदभाव हर जरूरतमंद तक सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू राज्य’ की छवि से बाहर निकलकर देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभा रहा है. उन्होंने इसे बेहतर नीतियों, विकास कार्यों और जनकल्याण योजनाओं का परिणाम बताया.

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