अयोध्या: सात समंदर पार भी प्रभु श्रीराम की महिमा और रामनगरी की आध्यात्मिक आभा लोगों को अपनी ओर खींच रही है। शिकागो में अयोध्या की भव्यता, धार्मिक विरासत और प्रभु श्रीराम की महिमा के किस्से सुनने वाले विदेशी मेहमान जब रामनगरी पहुंचे तो यहां की आस्था में पूरी तरह रंग गए। सरयू के पावन तट पर दीप प्रज्वलित कर उन्होंने अपनी श्रद्धा और भक्ति का अनूठा परिचय दिया।
पॉल की यात्रा: परिवार की यादों से जगी इच्छा
अयोध्या की इस आध्यात्मिक यात्रा के पीछे भी दिलचस्प कहानियां हैं। पॉल ने अपने माता-पिता से रामनगरी की महिमा और प्रभु श्रीराम की नगरी के धार्मिक महत्व के बारे में सुना था। परिवार से मिली इन्हीं यादों और चर्चाओं ने उनके मन में अयोध्या दर्शन की इच्छा जगा दी। आखिरकार वह उस पावन धरती पर पहुंच गए, जिसके बारे में वर्षों से सुनते आ रहे थे। वहीं, शेल्बे के लिए अयोध्या की यात्रा की प्रेरणा उनके दोस्तों की जुबानी मिली प्रशंसा बनी। दोस्तों से रामनगरी की खूबसूरती, भव्यता और आध्यात्मिक वातावरण के बारे में सुनकर उन्होंने भी अयोध्या आने का मन बना लिया। यहां पहुंचकर सरयू तट की दिव्यता और दीपों की जगमगाहट ने उनकी यात्रा को यादगार बना दिया।
सरयू तट पर दीपों से सनातन संस्कृति का संदेश
सरयू के तट पर जलते दीप केवल रोशनी नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, श्रद्धा और आध्यात्मिक विरासत का संदेश दे रहे थे। विदेशी मेहमानों ने भी दीप प्रज्वलित कर इस दिव्य परंपरा में सहभागिता की। रामनगरी का आकर्षण एक बार फिर सीमाओं से परे दिखाई दिया। अयोध्या की मिट्टी में रची-बसी आस्था और प्रभु श्रीराम का नाम अब दुनिया के कोने-कोने तक अपनी पहचान बना रहा है। शिकागो से आए मेहमानों के लिए यह महज एक पर्यटन यात्रा नहीं बल्कि सुनी हुई आस्था को अपनी आंखों से देखने और महसूस करने का अविस्मरणीय अनुभव बन गई।












