पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। जनता दल (यू) में अब ‘मिशन निशांत’ की शुरुआत मानी जा रही है। चर्चा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। इसके साथ ही पार्टी और सरकार में कई बड़े फेरबदल भी हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू कोटे से अभी दो उपमुख्यमंत्री हैं – विजय चौधरी और विजेंद्र यादव। कहा जा रहा है कि दोनों अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। उनकी जगह अकेले निशांत कुमार को डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी दी जाएगी। यानी जेडीयू कोटे से अब सिर्फ निशांत ही उपमुख्यमंत्री होंगे।
विजय चौधरी को मिलेगी नई जिम्मेदारी?
पार्टी सूत्रों का कहना है कि विजय चौधरी आज उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद उन्हें प्रमोट करके जनता दल (यू) का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वहीं, मौजूदा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा को लेकर भी नई प्लानिंग की चर्चा है। कहा जा रहा है कि उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया जा सकता है। जब केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, तब उन्हें जगह दी जाएगी। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के भविष्य को लेकर फैसला बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व पर निर्भर करेगा। अब दोनों मंत्री बने रहेंगे या कोई एक, यह आने वाले समय में साफ होगा।
एमएलसी नतीजों पर हुआ मंथन
इस बीच, बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों को लेकर भी जेडीयू की अहम बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने की। इसमें पार्टी के बड़े नेता और सभी जिला अध्यक्ष शामिल हुए। बैठक का मुख्य मुद्दा एमएलसी चुनाव में जेडीयू और एनडीए के खराब प्रदर्शन की समीक्षा करना था। जेडीयू ने चार सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे सिर्फ एक सीट पर ही जीत मिली। पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार जीते। दो जगहों पर पार्टी के उम्मीदवार निर्दलीय उम्मीदवारों से हार गए।
बैठक में जिला अध्यक्षों से बूथ स्तर की कमियों, चुनाव प्रबंधन और जमीनी रिपोर्ट पर फीडबैक लिया गया। इसका मकसद आगे की राजनीतिक रणनीति को मजबूत करना है। कुल मिलाकर, बिहार में निशांत कुमार के भविष्य को लेकर प्लानिंग शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में जेडीयू में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।












