नई दिल्ली: पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार में इमारत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों और सरकारी निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गली सितारा में निर्माणाधीन इमारत के ढहने से दो लोगों की मौत के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एक्शन मोड में नजर आईं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का बिगुल बजा दिया है। उन्होंने क्षेत्र के सहायक अभियंता (एई) और कनिष्ठ अभियंता (जेई) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने तथा संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
घटनास्थल पर पहुंचीं मुख्यमंत्री, बचाव कार्य तेज करने व तत्काल मदद के निर्देश
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री स्वयं घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिए कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के साथ प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी जारी किए गए।
लापरवाही की हर कड़ी होगी बेनकाब
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इस दर्दनाक हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। विस्तृत जांच कराई जाएगी और जिसकी भी भूमिका में लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कठोर कार्रवाई होगी। सरकार की प्राथमिकता पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाना और दोषियों की जवाबदेही तय करना है। मौके पर दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नगर निगम, सीएटीएस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान में जुटी रहीं। सभी एजेंसियों को आपसी तालमेल के साथ अभियान तेज रखने के निर्देश दिए गए।
निर्माण में लापरवाही नहीं, सुरक्षा से समझौता नहीं
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि मकान या इमारत का निर्माण कराते समय निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करें। छोटी सी लापरवाही भी बड़ी त्रासदी बन सकती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है और नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।











