खाकी का सम्मान, जवानों की शान, शिकायतों का समाधान और शानदार काम करने वालों का सम्मान

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नई दिल्ली: खाकी सिर्फ वर्दी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, अनुशासन और जनता की सुरक्षा का संकल्प है। इसी संकल्प को और मजबूत करने के लिए मध्य जिला पुलिस ने गांधी स्मृति, राजघाट के पास सत्याग्रह मंडप में संपर्क सभा का आयोजन किया। यहां पुलिसकर्मियों को अपनी समस्याएं सीधे वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखने का अवसर मिला। सभा के बाद आयोजित बड़े खाने ने पुलिस परिवार के बीच आपसी भाईचारे और एकजुटता का संदेश दिया। कार्यक्रम में करीब 329 पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में विशेष पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था जोन-एक देवेश श्रीवास्तव और संयुक्त पुलिस आयुक्त सेंट्रल रेंज मधुर वर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। पुलिस उपायुक्त मध्य जिला रोहित राजबीर सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत पौधा भेंट कर किया। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल हुए।

जनता की शिकायत, पुलिस की पहली जिम्मेदारी

विशेष पुलिस आयुक्त देवेश श्रीवास्तव ने पुलिसकर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण ड्यूटी के साथ नियमित जिम्मेदारियां निभाना सराहनीय है। उन्होंने जोर दिया कि पुलिस का सीधा वास्ता आम नागरिकों से है, इसलिए हर शिकायत और मुकदमे को संवेदनशीलता, ईमानदारी और पेशेवर तरीके से निपटाया जाए। उम्र, धर्म, रंग और लिंग के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।

उन्होंने ई-एचआरएमएस के अधिकतम इस्तेमाल, संवेदनशील स्थानों पर शरीर पर पहने जाने वाले कैमरों के उपयोग और थानों में लगे सीसीटीवी की प्रभावी निगरानी पर जोर दिया। साथ ही दिल्ली में 500 पुलिस बूथ स्थापित करने की प्रस्तावित योजना की जानकारी दी। महिला पुलिसकर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने थानों में वाटर कूलर, टेलीविजन, माइक्रोवेव और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

आठ बड़े मामलों में 72 खाकीधारियों का सम्मान

कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण पिछले 45 दिनों में आठ बड़े मामलों की जांच और खुलासे में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले 72 पुलिसकर्मियों का सम्मान रहा। उनकी मेहनत, सटीक जांच, गिरफ्तारी और बरामदगी को सराहा गया। संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने भी पुलिसकर्मियों को अनुशासन, मर्यादा और जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाने का संदेश दिया। सभा में पुलिसकर्मियों की विभागीय और प्रशासनिक शिकायतें सुनी गईं। जिनका तत्काल समाधान संभव था, उन्हें मौके पर निपटाया गया, जबकि अन्य मामलों को कार्रवाई के लिए संबंधित शाखाओं के पास भेजा गया। पिछली संपर्क सभा में उठे मुद्दों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अंत में बड़े खाने के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर जवानों तक ने एक साथ बैठकर आपसी संवाद और सौहार्द को मजबूत किया।

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