नई दिल्ली: कानून के शिकंजे से बचने के लिए आरोपी ने देश की सरहद पार कर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में पनाह ले ली लेकिन दिल्ली पुलिस ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से संपर्क साधा और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आखिरकार आरोपी को विदेश से भारत ले आई। मध्य जिला पुलिस ने 20 वर्षीय युवती से दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे जोयालुक्कास कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधक सजीर पल्ली मूप्पन उर्फ सजीर पीएम (38) का अबू धाबी से सफल प्रत्यर्पण कराया है। चार नवंबर को यूएई अधिकारियों ने उसे दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया।
जन्मदिन की पार्टी के बाद होटल में वारदात का आरोप
दिल्ली पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान विशेष पुलिस आयुक्त कानून और व्यवस्था (जोन -1) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि एक अक्टूबर 2025 की रात पंजाबी बाग स्थित एक लाउंज में कंपनी कर्मचारियों की जन्मदिन पार्टी आयोजित हुई थी। इसमें 20 वर्षीय युवती भी शामिल थी। आरोप है कि कंपनी में प्रबंधक के पद पर कार्यरत सजीर ने युवती को शराब और नशीले पदार्थों का सेवन कराया। इसके बाद उसे करोल बाग स्थित एक होटल ले जाकर दो अक्टूबर की सुबह उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया। आरोप है कि होटल में कमरा लेते समय आरोपी ने पीड़िता की पहचान छिपाने के लिए किसी तीसरे व्यक्ति के पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। पीड़िता ने पहले कंपनी प्रबंधन से शिकायत की। चार अक्टूबर 2025 को आरोपी को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ और आंतरिक समिति ने पॉश (पीओएसएच) के तहत जांच शुरू की, लेकिन आरोपी जांच में शामिल नहीं हुआ। पांच जनवरी 2026 को वह भारत छोड़कर यूएई भाग गया और दुबई में काम करने लगा।
रेड कॉर्नर नोटिस बना वापसी का रास्ता
पीड़िता की शिकायत पर 18 फरवरी 2026 को करोल बाग थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1), 123, 319 और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। जांच में तकनीकी साक्ष्य, होटल के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज जुटाए गए। आरोपी के विदेश भागने की पुष्टि के बाद 30 अप्रैल को भारतपोल के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश शुरू हुई। सात जुलाई को इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया। सीबीआई, इंटरपोल, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और आव्रजन ब्यूरो के साथ लगातार समन्वय किया गया। नौ अक्टूबर को अबू धाबी के सक्षम प्राधिकरण ने प्रत्यर्पण मंजूर कर दिया। इसके बाद इंस्पेक्टर कपिल खोखर, एसआई काजल त्यागी और एसआई संदीप की तीन सदस्यीय टीम 31 अक्टूबर को यूएई रवाना हुई और चार नवंबर को आरोपी को भारत ले आई।
सात समंदर पार भी कानून का शिकंजा
इस पूरी कार्रवाई में इंस्पेक्टर कपिल खोखर, एसआई संदीप, एसआई काजल त्यागी, एएसआई अरविंद, हेड कांस्टेबल रणवीर, कांस्टेबल अनमोल और कांस्टेबल पंकज शामिल रहे। अभियान की निगरानी करोल बाग थाना प्रभारी और एसीपी करोल बाग ने की, जबकि डीसीपी मध्य जिला रोहित राजबीर सिंह के मार्गदर्शन में पूरी कार्रवाई संपन्न हुई। देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपराधी देश में हो या विदेश में कानून से बच नहीं सकता।











