ईरान का बड़ा दांव, भारत समेत 4 देशों के जहाजों को होर्मुज से छूट, अमेरिका को दी चुनौती

0
10

नई दिल्ली: अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी संसद पर फिर से डेमोक्रेट्स ने कब्जा कर लिया है। इसी बीच अमेरिका से दो-दो हाथ कर रहे ईरान ने बड़ा दांव चल दिया है। ईरान ने भारत, चीन, इराक और कतर के जहाजों को होर्मुज जलमार्ग से जुड़ी पाबंदियों से छूट दे दी है।

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के उपाध्यक्ष अमीर हयात-मोघद्दम ने कहा कि इन चार देशों के जहाज अब इस अहम जलमार्ग से बिना किसी रोक-टोक के गुजर सकते हैं और अमेरिका भी इन्हें नहीं रोकता है।

क्यों दी गई छूट?

ईरानी न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में हयात-मोघद्दम ने कहा, हमने फिलहाल भारत, चीन, इराक और कतर को होर्मुज से गुजरने की पाबंदियों से छूट दी है। इन देशों के जहाज आसानी से आ-जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस छूट का मकसद इन देशों के साथ ईरान के हितों को मजबूत करना है। ईरान भारतीय जहाजों को सुविधा दे रहा है ताकि भारत से दवाएं मंगाई जा सकें, जबकि चीन को छूट का मकसद उसका राजनीतिक समर्थन हासिल करना है।

किससे कितनी फीस?

हयात-मोघद्दम ने बताया कि ईरान भारतीय और चीनी जहाजों से ट्रांजिट शुल्क लेता है, जबकि कतर के जहाजों को बिना शुल्क के गुजरने की इजाजत है। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि इराक के जहाजों को शुल्क देना होगा या नहीं।

भारत के लिए क्यों अहम है होर्मुज?

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का करीब 90% आयात करता है। इसमें से करीब 30% हिस्सा होर्मुज से होकर आता है। पहले यह आंकड़ा 70% था, लेकिन पश्चिम एशिया में संघर्ष के बाद भारत ने रूस, अमेरिका, पश्चिम अफ्रीका और UAE से तेल खरीदकर निर्भरता कम कर दी है। हालांकि भारत का 90% LPG आयात अभी भी होर्मुज से ही आता है। कतर और UAE से आने वाले LNG का 50% से ज्यादा हिस्सा भी इसी रास्ते से आता है। खाद के आयात के लिए भी यह मार्ग बेहद जरूरी है। ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज से दुनिया के समुद्री तेल का करीब 25% गुजरता है।

जहाजों पर हमले और भारतीयों की मौत

यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज में जहाजों पर प्रतिबंध जारी हैं। EU का कहना है कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना ने ऐसी व्यवस्था लागू की है, जिसमें जहाजों को अपनी पहचान, कार्गो और गंतव्य बताना होगा। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के मुताबिक फरवरी से अगस्त के बीच व्यापारिक जहाजों पर कम से कम 70 हमले हुए, जिनमें 19 नाविक मारे गए। इस संघर्ष में अब तक 24 भारतीय मारे गए हैं, जिनमें 15 नाविक शामिल हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here