नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अक्टूबर को अपने आवास पर एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान क्रिकेटरों समेत पदक जीतने वाले खिलाड़ी भी मौजूद रहेंगे। शाम 4:30 बजे होने वाली इस बैठक में पीएम मोदी खिलाड़ियों से बातचीत करेंगे और उनकी उपलब्धियों की सराहना करेंगे।
85 पदक जीतकर भारत ने हासिल किया चौथा स्थान
जापान के आइची-नागोया में हुए 2026 एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने 21 स्वर्ण पदकों समेत कुल 85 पदक अपने नाम किए और पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। प्रतियोगिता के शुरुआती दिनों में भारत आठवें स्थान पर था, लेकिन आखिरी दिनों में खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन कर टीम को शीर्ष चार में पहुंचा दिया। भारत ने पिछले एशियाई खेलों में भी इसी स्थान पर रहते हुए 85 पदक जीते थे।
तीरंदाजी, कुश्ती और बॉक्सिंग में भारत का दमदार प्रदर्शन
इस बार तीरंदाजी भारत के लिए सबसे सफल खेलों में शामिल रही। भारतीय तीरंदाजों ने पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक समेत कुल नौ पदक जीते। कुश्ती में भी भारतीय खिलाड़ियों ने छह पदक हासिल किए। इनमें दो स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक शामिल रहे। बॉक्सिंग में भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। भारतीय मुक्केबाजों ने तीन स्वर्ण और तीन कांस्य पदक जीतकर कुल छह पदक अपने नाम किए। लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल ने फाइनल मुकाबले जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किए। इस प्रदर्शन को एशियाई खेलों में बॉक्सिंग में भारत की बड़ी उपलब्धियों में गिना गया।
हॉकी और क्रिकेट में भी भारतीय खिलाड़ियों ने जीते गोल्ड
टीम स्पर्धाओं में भी भारत को बड़ी कामयाबी मिली। पुरुष और महिला, दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीते। वहीं, महिला क्रिकेट टीम ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर अपना खिताब बरकरार रखा। इन जीत से भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़ाने में मदद मिली।
एथलेटिक्स और शूटिंग में मिले कई पदक
एथलेटिक्स में भारत ने एक स्वर्ण, नौ रजत और 14 कांस्य पदक समेत कुल 24 पदक जीते। गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर और 1,500 मीटर दौड़ में रजत, जबकि 5,000 मीटर में कांस्य पदक हासिल किया। शूटिंग में भारतीय निशानेबाजों ने तीन स्वर्ण, आठ रजत और चार कांस्य समेत 15 पदक जीते। हालांकि, यह प्रदर्शन पिछले एशियाई खेलों में मिले 22 पदकों से कम रहा।
दूसरी ओर, बैडमिंटन और टेनिस में भारतीय खिलाड़ियों को निराशा हाथ लगी। बैडमिंटन में 12 साल बाद पहली बार भारत को कोई व्यक्तिगत पदक नहीं मिला। वहीं, टेनिस में 1986 के बाद पहली बार भारतीय खिलाड़ी बिना किसी पदक के लौटे।
वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने 49 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर भारत को राहत दी। उनकी इस उपलब्धि से इस खेल में भारत का 28 साल का पदक सूखा खत्म हुआ। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनके प्रदर्शन और उपलब्धियों की सराहना करेंगे।












