अमेरिकी चुनाव के बाद ईरान पर हमले का दबाव, नेतन्याहू ने ट्रंप से की सैन्य कार्रवाई की मांग; तेहरान ने दी लंबे युद्ध की चेतावनी

0
12

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू चाहते हैं कि अमेरिका मंगलवार को होने वाले मध्यावधि चुनाव के तुरंत बाद ईरान के ठिकानों पर नई सैन्य कार्रवाई शुरू करे। इस मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत भी हुई। बताया गया है कि चर्चा में ईरान के साथ चल रही वार्ता और दोबारा सैन्य अभियान शुरू करने की संभावनाओं पर विचार किया गया।

बातचीत से परिचित एक इजरायली सूत्र ने इसे सख्त बताया, जबकि अमेरिकी सूत्र ने चर्चा को सीधा संवाद करार दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को नेतन्याहू से बातचीत होने की पुष्टि की, लेकिन उसके विषय में विस्तृत जानकारी नहीं दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर इतना कहा कि उनकी नेतन्याहू के साथ अच्छी बातचीत हुई। हालांकि, इस संवाद में किसी सैन्य फैसले पर सहमति बनी या नहीं, यह स्पष्ट नहीं किया गया।

ट्रंप फिलहाल बातचीत के जरिए रास्ता निकालने के पक्ष में

नेतन्याहू की ओर से सैन्य कार्रवाई की पैरवी किए जाने की खबरों के बीच ट्रंप फिलहाल कूटनीतिक विकल्प को आगे बढ़ाना चाहते हैं। ईरान और कतर के प्रतिनिधियों के बीच दोहा में लगातार तीसरे दिन बातचीत जारी रही। इन चर्चाओं का उद्देश्य संघर्ष समाप्त करने के लिए किसी समझौते तक पहुंचना बताया गया है। इससे पहले शुक्रवार को कतर के मध्यस्थों ने तेहरान में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की थी। इसके बाद शनिवार से बातचीत का अगला दौर दोहा में शुरू हुआ। वार्ता से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, इन प्रयासों के दौरान अमेरिकी प्रशासन के साथ भी नियमित संपर्क रखा जा रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के प्रस्ताव पर भी चर्चा

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि कतर के साथ जारी बातचीत आगे बढ़ रही है और तेहरान कूटनीति के साथ अपनी रक्षा तैयारियों को भी महत्व दे रहा है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित दो दिवसीय व्यवस्था को लेकर विचार-विमर्श जारी है, लेकिन अभी कोई अंतिम सहमति नहीं बनी है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी और कतरी प्रतिनिधियों ने ऐसा प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत वाशिंगटन के साथ समझौता होने पर दो दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोला जा सकता है। अराघची ने उम्मीद जताई कि दूसरा पक्ष सैन्य रास्ते के बजाय बातचीत को प्राथमिकता देगा।

ट्रंप ने परमाणु ठिकानों पर हमले का विकल्प खुला रखा

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कूटनीति को प्राथमिकता देने की बात कही है, लेकिन सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के मुताबिक, ट्रंप ने अभी यह तय नहीं किया है कि ईरान पर नए हमले किए जाएंगे या नहीं। हालांकि, राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि ईरान में एक या दो ठिकाने ऐसे हैं, जिन पर अमेरिका कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि जरूरत पड़ने पर इन लक्ष्यों को बहुत कम समय में निशाना बनाया जा सकता है। ट्रंप ने पिकएक्स माउंटेन का भी उल्लेख किया, जिसे संदिग्ध भूमिगत परमाणु परिसर बताया जाता है।

तेहरान ने कहा, अगला युद्ध पहले से ज्यादा लंबा हो सकता है

ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि फिर से सैन्य टकराव शुरू हुआ तो उसका अंत वाशिंगटन की इच्छा और समयसीमा के अनुसार नहीं होगा। ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमिनिया ने कहा कि भविष्य में होने वाला संघर्ष पिछली लड़ाई से अधिक लंबा चल सकता है। उनके मुताबिक, अमेरिका यह तय नहीं कर पाएगा कि युद्ध कब समाप्त होगा और उसकी शर्तें क्या होंगी। तेहरान पहले भी चेतावनी दे चुका है कि उस पर हमला होने की स्थिति में पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।

चुनाव के बाद बढ़ेगा तनाव या निकलेगा बातचीत का रास्ता?

फिलहाल अमेरिका के सामने दो रास्ते दिखाई दे रहे हैं-ईरान के साथ बातचीत को आगे बढ़ाना या इजरायल की मांग के अनुरूप सैन्य विकल्प पर विचार करना। तीन नवंबर के मध्यावधि चुनाव के बाद इस मुद्दे पर अमेरिकी रुख को लेकर अटकलें तेज हैं। दूसरी तरफ कतर की मध्यस्थता से जारी वार्ता को संघर्ष रोकने की एक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में ट्रंप का फैसला पश्चिम एशिया की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति, दोनों पर असर डाल सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here