लखनऊ: यूपी के रायबरेली से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। लालगंज थाना क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की जो 16 अक्टूबर को घर से लापता हो गई थी, उसकी हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। 14 दिन बाद पुलिस ने उसका शव बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी रौनक यादव को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक 16 अक्टूबर को लड़की के लापता होने के बाद परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामला एसपी रवि कुमार के संज्ञान में आते ही उन्होंने जल्द खुलासे के निर्देश दिए। पुलिस ने शक के आधार पर रौनक यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली।
दोस्ती टूटने से था नाराज
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी और मृतका दो साल पहले साथ पढ़ते थे, तभी दोनों में दोस्ती हुई थी। करीब 6 महीने पहले लड़की ने उससे बात करना बंद कर दिया था, जिससे रौनक नाराज था। कुछ दिन पहले फिर से बातचीत शुरू हुई तो रौनक ने लड़की के मोबाइल की कॉल डिटेल देखी। दूसरे लड़कों से बात करने के शक में उसने हत्या की साजिश रच डाली।
मंदिर के बहाने बुलाकर की हत्या
आरोपी ने बताया कि 16 अक्टूबर को उसने लड़की को मिलने के बहाने बुलाया और बाइक से ऐहार स्थित बाल्हेश्वर मंदिर ले गया। वहां दोनों में विवाद हुआ। इसके बाद वह उसे चक पंचम मजरे दतौली के पास नहर की पटरी पर ले गया। वहां चाकू से गले पर वार किया और फिर उसी के दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को झाड़ियों में फेंककर फरार हो गया। पुलिस ने 30 अक्टूबर को आरोपी की निशानदेही पर आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना के पश्चिमी यार्ड के पास सूखी नहर की झाड़ियों से शव बरामद किया। 14 दिन बीत जाने के कारण शव कंकाल जैसी स्थिति में था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने मृतका के बातचीत बंद करने और दूसरे युवकों से संपर्क रखने को हत्या की वजह बताया है। फिलहाल आरोपी को जेल भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।












