नई दिल्ली: अक्टूबर का महीना खत्म होने के साथ ही कल यानी 1 नवंबर से कई अहम नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा के कामों पर पड़ सकता है। रसोई गैस की कीमतों से लेकर टोल पास, शराब की खरीदारी, जीएसटी और मोबाइल कॉलिंग तक कई व्यवस्थाएं बदलने वाली हैं। ऐसे में महीने की शुरुआत से पहले इन बदलावों के बारे में जानना जरूरी है।
पहला बदलाव: LPG सिलेंडर की कीमतों में हो सकता है बदलाव
हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी करती हैं। ऐसे में 1 नवंबर 2026 को भी घरेलू और कमर्शियल गैस की कीमतों में संशोधन हो सकता है। इससे पहले अक्टूबर की शुरुआत में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम 62.50 रुपये तक बढ़ाए गए थे। हालांकि, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ था। इसके अलावा हवाई ईंधन यानी एटीएफ की कीमतों की भी समीक्षा की जाएगी।
दूसरा बदलाव: 1500 रुपये में मिलेगा सालाना टोल पास
हाईवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए भी नया नियम लागू होने जा रहा है। सरकार 1 नवंबर से 1500 रुपये का सालाना टोल पास उपलब्ध कराने जा रही है। इसका लाभ टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निजी वाहन मालिक उठा सकेंगे। वहीं, दिल्ली में दूसरे राज्यों में पंजीकृत पुराने नॉन-BS6 वाहनों की एंट्री पर रोक लगाई जाएगी। यह कदम प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाया गया है। दूसरी ओर, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए कनेक्टिंग लिंक पर मालवाहक वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। महाराष्ट्र हाईवे पुलिस का यह फैसला भी 1 नवंबर से लागू होगा।
तीसरा बदलाव: शराब खरीदने पर डिजिटल पेमेंट जरूरी
तमिलनाडु में शराब खरीदने के नियम में भी बदलाव होने जा रहा है। राज्य विपणन निगम (TASMAC) के नए निर्देश के अनुसार, 1000 रुपये से अधिक कीमत वाली शराब की बोतल खरीदने पर डिजिटल पेमेंट करना अनिवार्य होगा। यानी ऐसी खरीदारी के लिए दुकानों पर नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा।
चौथा बदलाव: GST रिटर्न और रिफंड की नई व्यवस्था
जीएसटी से जुड़े नियमों में बदलाव का फायदा छोटे कारोबारियों को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टैक्स रिफंड की प्रक्रिया आसान बनाने और कागजी काम कम करने के लिए कुछ मामलों में ऑटोमैटिक अप्रूवल की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा 5 करोड़ रुपये से कम सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए नई रिटर्न व्यवस्था लाने की तैयारी है, जो सीधे ग्राहकों को सामान या सेवाएं बेचते हैं।
पांचवां बदलाव: मोबाइल पर दिखेगा कॉल करने वाले का नाम
मोबाइल यूजर्स के लिए भी 1 नवंबर से CNAP यानी कॉलिंग नेम प्रजेंटेशन सेवा लागू होने जा रही है। दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कंपनियों को इस सुविधा को शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत फोन पर अनजान नंबर से कॉल आने पर भी कॉल करने वाले का नाम दिखाई देगा। अब इसके लिए ट्रूकॉलर जैसे ऐप पर निर्भर रहने की जरूरत कम हो सकती है।












