कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों नहीं घटे? जानिए वजह

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Why petrol and diesel prices dropped despite the fall in crude oil prices Find out the reason
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नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले कुछ दिनों से कच्चे तेल की कीमतों में लगातार नरमी देखने को मिल रही है. पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और तेल उत्पादन बढ़ने की उम्मीदों के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है. मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को भी सरकारी तेल कंपनियों ने ईंधन के नए दाम जारी किए, लेकिन कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया. ऐसे में आम लोगों के मन में अब भी यही सवाल है कि जब कच्चा तेल सस्ता हो रहा है तो पेट्रोल और डीजल के दाम आखिर कब घटेंगे.

सरकारी तेल विपणन कंपनियों की ओर से जारी ताजा अपडेट के मुताबिक, 7 जुलाई 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले की तरह ही बनी हुई हैं. पिछले सप्ताह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम ऊपर-नीचे होते रहे, लेकिन इसका असर घरेलू खुदरा कीमतों पर नहीं दिखा. हाल ही में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी स्पष्ट किया था कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती करने की कोई योजना नहीं है. ऐसे में निकट भविष्य में भी दाम स्थिर रहने की संभावना जताई जा रही है.

इस साल कई बार बढ़ चुके हैं ईंधन के दाम

हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में नरमी आई है, लेकिन भारत में बीते कुछ महीनों के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी की गई थी. खासकर अमेरिका-ईरान तनाव के दौरान चार अलग-अलग मौकों पर ईंधन महंगा हुआ. कुल मिलाकर इस अवधि में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 7.5 से 8 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि दर्ज की गई. इसी बीच OPEC+ ने अगस्त 2026 से प्रतिदिन 1.88 लाख बैरल अतिरिक्त तेल उत्पादन का फैसला लिया है. इसके बावजूद भारतीय बाजार में फिलहाल कोई राहत देखने को नहीं मिली है.

7 जुलाई को प्रमुख शहरों में पेट्रोल के दाम

दिल्ली- 102.12 रुपये प्रति लीटर
कोलकाता- 113.51 रुपये प्रति लीटर
मुंबई- 111.21 रुपये प्रति लीटर
चेन्नई- 108.01 रुपये प्रति लीटर
हैदराबाद- 115.73 रुपये प्रति लीटर
बेंगलुरु- 110.89 रुपये प्रति लीटर

7 जुलाई को प्रमुख शहरों में डीजल के दाम

दिल्ली- 95.20 रुपये प्रति लीटर
कोलकाता- 99.82 रुपये प्रति लीटर
मुंबई- 97.83 रुपये प्रति लीटर
चेन्नई- 99.66 रुपये प्रति लीटर
हैदराबाद- 103.82 रुपये प्रति लीटर
बेंगलुरु- 98.80 रुपये प्रति लीटर

वैश्विक बाजार में क्या है स्थिति?

मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं देखा गया. हालांकि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक तेल टैंकर पर हुए हमले की खबर ने वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंताओं को फिर बढ़ा दिया है. यह इलाका दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में गिना जाता है. बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 72 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रही, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) करीब 69 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता रहा. विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल की दूसरी तिमाही में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत तक गिरावट आई थी. इसकी बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते को माना जा रहा है, जिससे मध्य पूर्व में तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका कम हुई.

भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कैसे तय होती हैं?

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर नहीं करतीं. इनके निर्धारण में कई अन्य महत्वपूर्ण कारक भी शामिल होते हैं. इनमें केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स, रिफाइनिंग की लागत, परिवहन खर्च, डीलर कमीशन और रुपये-डॉलर की विनिमय दर प्रमुख हैं. यही कारण है कि कई बार वैश्विक बाजार में कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तुरंत कमी नहीं दिखाई देती.

एक्सपोर्ट ड्यूटी में बदलाव का क्या असर?

हाल ही में केंद्र सरकार ने कुछ पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में संशोधन किया है. हालांकि इसका सीधा असर देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर नहीं पड़ता. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में लंबे समय तक कच्चे तेल की कीमतें कम बनी रहती हैं और अन्य लागतें भी नियंत्रित रहती हैं, तभी भविष्य में उपभोक्ताओं को ईंधन की कीमतों में राहत मिल सकती है.

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