नई दिल्ली: सितंबर महीने को अलविदा कहने का वक्त आ गया है, और कल यानी 1 अक्टूबर से जो बदलाव लागू होने वाले हैं, उनका सीधा असर हर घर के बजट पर पड़ सकता है। रसोई के एलपीजी सिलेंडर से लेकर बैंक से पैसे निकालने तक, और टीवी-फ्रिज जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी तक, कई मोर्चों पर आपकी जेब पर असर पड़ने वाला है। आइए जानते हैं इन पांच बड़े बदलावों के बारे में विस्तार से।
हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां एलपीजी सिलेंडर के दाम में बदलाव करती हैं, और 1 अक्टूबर को भी कीमतों में संशोधन हो सकता है। हाल के दिनों में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में कई बार बदलाव हुआ है, जबकि 14 किलो वाला घरेलू सिलेंडर स्थिर बना हुआ है। इसके अलावा आज एलपीजी सब्सिडी से जुड़ा एक जरूरी काम निपटाने का आखिरी दिन है। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपने कनेक्शन का आधार बायोमेट्रिक सत्यापन या ई-केवाईसी पूरा नहीं किया है, उन्हें 1 अक्टूबर से सब्सिडी मिलने में परेशानी हो सकती है। इसके साथ ही अब सिलेंडर डिलीवरी के वक्त सिर्फ रसीद नहीं, बल्कि रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से भी सत्यापन कराना अनिवार्य हो सकता है।
हवाई ईंधन के दाम में भी होगा बदलाव
तेल कंपनियां हर महीने की शुरुआत में एटीएफ यानी विमान ईंधन के दाम भी संशोधित करती हैं, जिसका सीधा असर हवाई यात्रा के किराए पर पड़ता है। फिलहाल दिल्ली में एटीएफ 1,04,927 रुपये, कोलकाता में 1,09,450 रुपये, मुंबई में 98,247 रुपये और चेन्नई में 1,09,873 रुपये प्रति किलोलीटर के भाव पर बिक रहा है।
SBI ग्राहकों को लगेगा झटका
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहकों के लिए भी 1 अक्टूबर से नियम बदलने वाले हैं। बेसिक सेविंग्स खाताधारकों को महीने में चार मुफ्त निकासी के बाद हर एटीएम ट्रांजैक्शन पर 15 रुपये के साथ जीएसटी चुकाना होगा। वहीं सैलरी खाताधारकों की मुफ्त मासिक ट्रांजैक्शन सीमा 10 से घटाकर 5 कर दी जाएगी, जिसके बाद हर लेनदेन पर 23 रुपये और जीएसटी देना पड़ेगा।
महंगे हो जाएंगे टीवी, फ्रिज और एसी
फेस्टिव सीजन में इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी बुरी खबर है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक तांबा, इस्पात, एल्यूमीनियम और कच्चे तेल जैसी जरूरी सामग्री की कीमतों में उछाल और माल ढुलाई खर्च बढ़ने के चलते इन उत्पादों के दाम में 8 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
FD को लेकर RBI का नया नियम
भारतीय रिजर्व बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े नियमों में भी बदलाव करने जा रहा है, जो 1 अक्टूबर से लागू होगा। इसके तहत बैंकों को रोजाना सुबह 10 बजे तक एफडी की ब्याज दरें अपनी वेबसाइट पर अपडेट करनी होंगी। साथ ही एक ही तारीख को जमा हुई एफडी पर सभी ग्राहकों को समान ब्याज दर देनी होगी, जिसमें कोई भेदभाव नहीं किया जा सकेगा।












