नई दिल्ली: दिल्ली को स्वच्छ, प्रदूषणमुक्त और बेहतर नागरिक सुविधाओं से लैस बनाने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में करीब 923.57 करोड़ रुपये की लागत से 70 आधुनिक सड़क सफाई मशीनों की तैनाती, राजधानी के 126 प्रवेश बिंदुओं पर बैरियर मुक्त टोल व्यवस्था और जन-स्वास्थ्य विभाग के 1066 रिक्त पद भरने सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
धूल के खिलाफ मशीनों से होगी जंग
सड़कों पर उड़ती धूल और प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए 70 मशीनें अगले 10 वर्षों तक सफाई करेंगी। तीन अलग-अलग पैकेजों में एजेंसियों को 923.57 करोड़ रुपये के कार्य सौंपने की स्वीकृति दी गई है। छोटी मशीनें बिजली से चलेंगी, जबकि बड़ी मशीनों में बिजली अथवा सीएनजी का विकल्प होगा। संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित एजेंसियों की होगी। दिल्ली के 126 प्रवेश बिंदुओं पर बहु-लेन मुक्त प्रवाह तकनीक लागू होगी। रेडियो आवृत्ति पहचान और स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली से चलते वाहनों की पहचान कर शुल्क वसूला जाएगा। छह वर्षीय अनुबंध के तहत तकनीकी व्यवस्था विकसित और संचालित की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग को मिलेगी नई ताकत
जन-स्वास्थ्य विभाग में 1066 खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें मलेरिया अधिकारियों, निरीक्षकों और अन्य कर्मचारियों के पद शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर संविदा आधार पर भी नियुक्तियां की जाएंगी। सत्या शर्मा ने अधिकारियों को जोन स्तर पर शिकायतों का निस्तारण, कार्यालयों का औचक निरीक्षण और प्रत्येक वार्ड में वर्षा जल संचयन की सुविधा वाला कम से कम एक पार्क विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को समस्याओं के समाधान के लिए निगम मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए।












