नई दिल्ली: बेंगलुरु नशे के अंतरराष्ट्रीय कारोबार और तस्करी के बदलते तौर-तरीकों पर शिकंजा कसने के लिए केंद्रीय और राज्य की जांच एजेंसियों ने एकजुट होकर मोर्चा संभाल लिया है। इसी कड़ी में बेंगलुरु में कर्नाटक की तीसरी त्रैमासिक राज्य स्तरीय संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाना और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल मजबूत करना रहा।
बैठक की अध्यक्षता और भाग लेने वाली एजेंसियां
बैठक की अध्यक्षता स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र के उप महानिदेशक ने की। इसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, सीमा शुल्क, आयकर विभाग, खुफिया ब्यूरो, रेलवे सुरक्षा बल, राज्य एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और कर्नाटक पुलिस के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
एटोमिडेट तस्करी, एएनटीएफ मजबूती और पीआईटीएनडीपीएस की समीक्षा
बैठक में एटोमिडेट की बढ़ती तस्करी के नए रुझानों राज्य एएनटीएफ को मजबूत करने और जेसीसी द्वारा भेजे गए मामलों में ईडी की कार्रवाई पर विस्तार से चर्चा हुई। एनडीपीएस मामलों में पीआईटीएनडीपीएस के तहत निवारक हिरासत की कार्रवाई की समीक्षा भी की गई।
गांजा तस्करी और हवाला लेनदेन के खुलासे
रेलवे सुरक्षा बल ने गांजा तस्करी से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए, जबकि डीआरआई ने हवाला लेनदेन गुप्त माध्यमों से धन हस्तांतरण और अफ्रीकी नागरिकों द्वारा छात्रों के बैंक खातों के कथित इस्तेमाल का मामला सामने रखा।
2026-2029 दृष्टि दस्तावेज लागू करने और समन्वित कार्रवाई पर जोर
बैठक में वर्ष 2026-2029 के मादक पदार्थ नियंत्रण दृष्टि दस्तावेज को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया। सभी एजेंसियों ने समन्वित कार्रवाई और सूचना साझा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।












