पाकिस्तान के थारपारकर जिले के नगरपारकर क्षेत्र में गुरुवार को हुई इस घटना ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, एक महिला को प्रसव के बाद स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं होने पर बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित किया जा रहा था। इसी सफर के दौरान एंबुलेंस के भीतर रखे ऑक्सीजन सिलेंडर में विस्फोट हो गया। हादसे में कुल दस लोगों की जान चली गई और मृतकों में वह महिला भी शामिल बताई गई है, जिसे उपचार के लिए ले जाया जा रहा था।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सिलेंडर को एंबुलेंस के अंदर एक स्थान से दूसरे स्थान पर खिसकाने के दौरान धमाका हुआ। घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं। हालांकि, विस्फोट के पीछे की पूरी वजह और सिलेंडर की स्थिति से संबंधित सभी तथ्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल ले जाई जा रही थी महिला
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित महिला को दानो धंधल स्थित बुनियादी स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल मीठी ले जाया जा रहा था। प्रसव के बाद उसकी हालत में जटिलताएं सामने आई थीं, जिसके चलते उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दूसरे अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी समझा गया।
इसी उद्देश्य से एंबुलेंस के जरिए उसे आगे भेजा जा रहा था। लेकिन रास्ते में हुए विस्फोट ने चिकित्सा सहायता के इस सफर को जानलेवा हादसे में बदल दिया। घटना में दस लोगों की मौत की पुष्टि होने से इलाके में शोक का माहौल है।
सिलेंडर खिसकाते वक्त हुआ धमाका, पुलिस ने शुरू की जांच
थारपारकर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरिफ अजीज जाफरी ने बताया कि एंबुलेंस के भीतर ऑक्सीजन सिलेंडर को इधर-उधर करने के दौरान विस्फोट हुआ। उन्होंने मृतकों की संख्या दस होने की पुष्टि की और कहा कि मामले की जांच के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जांच के दौरान हादसे की परिस्थितियों, सिलेंडर को संभालने के तरीके और विस्फोट के संभावित कारणों का पता लगाना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी से यह निश्चित नहीं कहा जा सकता कि सिलेंडर में तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य कारण घटना के पीछे रहा। पुलिस की जांच से ही इन सवालों के जवाब सामने आ सकेंगे।
पाकिस्तान में सड़क हादसे भी बढ़ा रहे हैं चिंता
इस घटना से पहले पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के राजनपुर इलाके में भी एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया था। कराची से डेरा गाजी खान की ओर जा रही यात्री बस निर्माणाधीन राजमार्ग पर डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई थी। उस दुर्घटना में ग्यारह लोगों की मौत हुई थी, जबकि तीस से अधिक यात्री घायल हुए थे।
राष्ट्रीय आपातकालीन सेवा रेस्क्यू 1122 के मुताबिक, घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बस की तेज रफ्तार की आशंका जताई थी, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए घायलों को आवश्यक सहायता देने के निर्देश दिए थे।
लगातार हादसों से सुरक्षा इंतजामों पर उठ रहे सवाल
पाकिस्तान में हाल के दिनों में सामने आई दुर्घटनाओं ने सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर चिंता बढ़ाई है। एंबुलेंस में हुआ विस्फोट विशेष रूप से इसलिए गंभीर है, क्योंकि ऐसी गाड़ियों का इस्तेमाल मरीजों को सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाने के लिए किया जाता है।
इस हादसे की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है। फिलहाल दस लोगों की मौत ने एक चिकित्सा सहायता अभियान को बड़ी त्रासदी में बदल दिया है।












